इससे पहले नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी जम्मू कश्मीर में सभी सीटों पर स्वतंत्र चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। उनके इस बयान के बाद उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार वार्ता कर स्पष्ट किया था कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं का दृष्टिकोण है। उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ है।
उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर में सीट बंटवारे की संभावना से इनकार किया है। उनकी पार्टी ने 2019 के चुनावों में कश्मीर की तीनों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू क्षेत्र की दो सीटों और लद्दाख की एक सीट पर समझौते के लिए तैयार है, जो वर्तमान में भाजपा के पास हैं।
गौरतलब है कि 2019 में जम्मू कश्मीर को दो अलग केंद्र शासित प्रदेश बांटा गया है। इसमें यूटी जम्मू कश्मीर और यूटी लद्दाख शामिल है। वर्तमान में जम्मू कश्मीर में पांच लोकसभा सीटें हैं और एक लोकसभा सीट लद्दाख में है। इसके बाद जम्मू कश्मीर में परिसीमन कराया गया। इसमें जम्मू के पीर पंजाल क्षेत्र का पुंछ और राजोरी के कई इलाकों को अनंतनाग संसदीय सीट के साथ जोड़ दिया गया है। ये क्षेत्र पहले जम्मू संसदीय सीट का हिस्सा थे।