इससे पहले फारूक कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था, 'जब तक भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत नहीं होगी, जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की समस्या को खत्म नहीं किया जा सकता है। आगामी समय में प्रदेश में अमरनाथ यात्रा होने वाली है। साथ ही विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे में इन घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए।'
फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा था, 'हमारे पड़ोसी के साथ अभी भी समस्याएं हैं। सैन्य कार्रवाई से ये समस्याएं हल नहीं होंगी... जब तक हम अपने पड़ोसी (पाकिस्तान) से बात नहीं करेंगे, हम इसे हल नहीं कर सकते। आतंकवादी सीमाओं के रास्ते आ रहे हैं और वे आते रहेंगे। कल जो भी सरकार होगी, उसे यही सब झेलना पड़ेगा... हमें इन परिस्थितियों से बाहर निकलने की जरूरत है।'