महबूबा मुफ्ती ने कहा कि चाहे वह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करना हो या कर्मचारियों को सोशल मीडिया गैग, जम्मू-कश्मीर में लोगों को उनकी आजीविका से बेदखल करने का एक स्पष्ट खतरा सामने आया है।
जम्मू-कश्मीर सरकार के कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया दिशा निर्देश लोगों को उनकी आजीविका से बेदखल करने की स्पष्ट धमकी का हिस्सा है। यह आरोप पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने लगाया है। वहीं, माकपा के वरिष्ठ नेता एमवाई तारिगामी ने भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी होने का मतलब नागरिक के रूप में सभी वैध संवैधानिक अधिकारों को छोड़ देना नहीं है।
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महबूबा ने ट्वीट किया कि चाहे वह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करना हो या कर्मचारियों को सोशल मीडिया गैग, जम्मू-कश्मीर में लोगों को उनकी आजीविका से बेदखल करने का एक स्पष्ट खतरा सामने आया है। तारिगामी ने कहा कि कर्मचारियों को उनसे संबंधित मुद्दों के बारे में अपने विचार व्यक्त करने से रोकना उनके मूल अधिकारों का हनन है।