श्रीनगर के जेवन में कश्मीरी पंडितों के लिए बनाए गए आवास का शुभारंभ करते एलजी सिन्हा
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को श्रीनगर से 12 किलोमीटर दूर जेवन में इनके लिए मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। इस अवसर पर संवाददाताओं के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री पुनर्निर्माण योजना (पीएमआरपी) के तहत काम कर रहे प्रवासी कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को इस साल दिसंबर के अंत तक घाटी में और 930 आवास उपलब्ध होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के लिए सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा की द़ष्टि से कोई समस्या नहीं है।
एलजी ने कहा कि प्रदेश में प्रशासन द्वारा शुरू किए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान से आम और गरीब लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। इस अभियान में प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जिन्होंने अपने पदों का दुरुपयोग कर जमीन के बड़े हिस्से पर नियमों का उल्लंघन कर कब्जा कर लिया। एलजी ने कश्मीरी कर्मचारियों के लिए आवास परियोजना पर कहा कि प्रशासन उनके सामने आ रही कठिनाइयों को हल करने की कोशिश कर रहा है।
पिछली बार हमने बांदीपोरा और बारामुला में कश्मीरी प्रवासियों के लिए आवास बनाने के प्रयास शुरू किए थे। कश्मीर के प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा संख्या श्रीनगर में है, इसलिए आज हमने श्रीनगर में उनके लिए मेगा हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया है। सिन्हा ने कहा कि मुख्य अभियंता ने बताया है कि परियोजना (930 फ्लैट) इस साल दिसंबर तक पूरी हो जाएगी। एलजी ने कहा कि प्रशासन कश्मीरी प्रवासी कर्मचारियों के वास्तविक मुद्दों के प्रति संवेदनशील है और कश्मीर या जम्मू में उनकी समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रहा है।
प्रशासन उनके संपर्क में है और हम उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। एक समय था जब पद खाली हुआ करते थे लेकिन अब सभी पद भर दिए गए हैं। पहले आवास के लिए जमीन नहीं मिलती थी लेकिन अब सभी जगहों पर काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि 1200 फ्लैट जल्द ही तैयार हो जाएंगे और दिसंबर के अंत तक 1800 फ्लैट तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने पुलिस से परामर्श कर इन कर्मचारियों को उपयुक्त स्थानों पर पदस्थापित किया है।
पदोन्नति का मामला जेकेपीएससी को भेजा गया
एलजी ने कहा कि जहां तक कश्मीरी कर्मचारियों की पदोन्नति की बात है तो अराजपत्रित प्रवासी कश्मीरी पंडितों के पदों को राजपत्रित संवर्ग बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (पीएससी) को भेजा गया है।