जानिए क्या है जम्मू-कश्मीर पुनर्वास सहायता योजना-2022
जम्मू-कश्मीर पुनर्वास सहायता योजना-2022 के खंड 2ए में ये प्रावधान है कि असाधारण परिस्थितियों में उपराज्यपाल किसी मृतक के आश्रित परिवार को सरकारी सेवा में नियुक्त कर सकते हैं। ये वे लोग होंगे, जिनकी मृत्यु आतंकवादी कार्रवाई के दौरान हुई हो। या फिर कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण या फिर किसी दुश्मन की ओर से की गई कार्रवाई में हुई हो। यहां यह भी कहा गया है कि मृतक के बारे में ये भी देखा जाएगा कि वह किसी आतंकवादी गतिविधि में शामिल न हो। सहायता योजना के तहत नियुक्ति के लिए आयु और योग्यता में छूट देने का अधिकार पूरी तरह से उपराज्यपाल के पास है।
गुलनाज की परिस्थितियां इसलिए हैं असाधारण
असाधारण शक्तियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि गुलनाज अख्तर की नियुक्ति उपराज्यपाल ने असाधारण परिस्थितियों में की है, क्योंकि उनके पति एक नागरिक थे, न कि सरकारी कर्मचारी। इसके अलावा, शैक्षणिक योग्यता में छूट दी गई है। इस मामले में छूट देने तथा नियुक्ति देने में मत्स्य विभाग की कोई भूमिका नहीं है। आदिल हुसैन शाह के सर्वोच्च बलिदान को स्वीकार करते हुए, उपराज्यपाल ने विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग करते परिवार को राहत देने के लिए यह फैसला लिया।
एक्स पर पोस्ट में लिखा, पूरे देश को गर्व हैएक्स पर एलजी ने लिखा कि पूरा देश आदिल की बहादुरी पर गर्व करता है। उन्होंने पर्यटकों की रक्षा करते हुए जान न्यौछावर की। सरकार उनके परिवार को हरसंभव समर्थन देगी। हमने उनके पिता, परिवार और इस गांव के लोगों से बात की है, जो गांव में रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहते हैं, हम आने वाले दिनों में इसका ध्यान रखेंगे। नियुक्ति पत्र पाकर भावुक हुई गुलनाज ने आभार व्यक्त किया है।
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