संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड से आए लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं का एक समूह शनिवार को लद्दाख पहुंचा। इसमें छह भिक्षु भी शामिल हैं। इस यात्रा का उद्देश्य महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (एमआईएमसी) में प्रसिद्ध बौद्ध आध्यात्मिक गुरु भिक्षु संघसेना से आशीर्वाद प्राप्त करना था।
संवाद के दौरान भिक्षु संघसेना ने आगंतुकों को केवल पर्यटन और फोटोग्राफी तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए अपनी यात्रा को गहरे आध्यात्मिक उद्देश्य से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना के साथ-साथ यह यात्रा आत्मिक परिवर्तन और आध्यात्मिक विकास का अवसर भी बननी चाहिए।
मानव जीवन की दुर्लभता और मूल्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को ईमानदार आध्यात्मिक साधना के माध्यम से अपने समय का सार्थक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा सुख भौतिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि आंतरिक शांति, करुणा और संतोष के विकास से प्राप्त होता है।
आध्यात्मिक गुरु ने प्रतिभागियों से दैनिक जीवन में सजगता का अभ्यास करने तथा विशेष रूप से जरूरतमंदों के प्रति सेवा, दया और सहयोग के माध्यम से आध्यात्मिकता को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
यह यात्रा प्रार्थना और आशीर्वाद के साथ संपन्न हुई जिससे श्रद्धालु नई प्रेरणा और गहरे उद्देश्य की भावना के साथ अपनी आध्यात्मिक यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हुए।