संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। फिल्म एंड टेलीविजन फेडरेशन ऑफ लद्दाख (एफटीएफएल) ने स्पष्ट किया है कि जम्मू में 19 से 21 दिसंबर तक आयोजित होने वाले लद्दाख–जम्मू कश्मीर महोत्सव में संगठन की ओर से किसी भी प्रकार की आधिकारिक भागीदारी नहीं होगी।
इस संबंध में एफटीएफएल ने वीरवार को अपनी स्थिति साफ की। कहा कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य लद्दाख के अपने प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल को सुरक्षित और निरंतर बनाए रखना है। एफटीएफएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि आयोजकों की ओर से महोत्सव की पूरी रूपरेखा तय करने के बाद ही संगठन को इसकी सूचना दी गई थी। लद्दाख अब एक अलग केंद्र शासित प्रदेश है और यहां पिछले दो वर्षों से हिमालयन फिल्म फेस्टिवल का सफल आयोजन किया गया है जिसमें देश-विदेश से फिल्मों की भागीदारी रही है।
ऐसे में किसी अन्य राज्य में लद्दाख के नाम से आयोजित फिल्म महोत्सव में शामिल होने से उनके अपने फेस्टिवल पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफटीएफएल न तो वित्तीय रूप से और न ही आयोजन समिति के स्तर पर इस महोत्सव से जुड़ा है। हालांकि यदि किसी फिल्मकार ने व्यक्तिगत रूप से अपनी फिल्म वहां भेजी है तो वह उनकी निजी पसंद है।
यह आयोजन जम्मू में 19 से 21 दिसंबर तक होगा जिसमें 19 दिसंबर को लद्दाख डे, 20 दिसंबर को जम्मू डे और 21 दिसंबर को कश्मीर डे मनाया जाएगा। एफटीएफएल का कहना है कि भले ही लद्दाख डे के दिन लद्दाख से जुड़ी फिल्में दिखाई जाएं लेकिन संगठन की ओर से कोई आधिकारिक सहभागिता नहीं होगी।
चीफ गेस्ट के रूप में उपराज्यपाल लद्दाख को आमंत्रित किए जाने के सवाल पर एफटीएफएल ने कहा कि यह आयोजकों का निर्णय है। संभव है कि व्यक्तिगत रुचि या पूर्व संबंधों के कारण उन्हें आमंत्रित किया गया हो लेकिन इससे संगठन की स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ता।