जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय की ओर से संगम नगरी देवप्रयाग में गंगा स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। इस दौरान स्थानीयवासियों अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाने के साथ ही हर हफ्ते 2 घंटे श्रमदान कर स्वच्छता का संकल्प कराया गया।
देवप्रयाग संगम पर भारत सरकार के अपर सचिव नरेंद्र सिंह और नगर पंचायत अध्यक्ष शुभांगी कोटियाल ने संयुक्त रुप से स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत की। पखवाड़े में देवप्रयाग रुद्रप्रयाग और श्रीनगर में नदी तटों व संगम स्थल में श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस मौके पर अपर सचिव नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता कार्यक्रम को देवभूमि के लोगों ने साकार करना है।
नगर के युवा, महिलाओं और आचार्य चक्रधर जोशी राजकीय महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सफाई अभियान में भाग लिया। नमामि गंगे परियोजना प्रबंधक अमित शर्मा ने बताया कि 17 मार्च को देवप्रयाग 20 व 23 मार्च को श्रीनगर और 24 व 25 मार्च को रुद्रप्रयाग में स्वच्छता अभियान के लिए श्रमदान किया जाएगा। श्री बद्रीश पंडा पंचायत के अध्यक्ष केके कोटियाल, रेखा कोटियाल, सरिता कर्नाटक, मनोरमा, सिद्धि देवी, मोनिका, अंजू, सोनिया, विकास ध्यानी, विद्यार्थी पालीवाल, मुकेश भट्ट, विशेष पंत और अनुराग पंचभइया आदि ने सफाई अभियान में भाग लिया।16 से 31 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में नमामि गंगे परियोजना से जुड़ी वाप्कोस कंपनी की सहभागिता है।
फोटो खिंचाने की रही होड़
श्रीनगर। भारत सरकार के महत्वकांक्षी स्वच्छता अभियान में दिखावटी सफाई अभियान भारी रहा। समारोह में सफाई के नाम पर टोपी, मास्क व टी-शर्ट पहन कर और झाड़ू उठाकर फोटो खींचने को होड़ रही।
उमा भारती के नाम से भीड़ खींचने की कोशिश
देवप्रयाग। केंद्रीय मंत्री उमा भारती के नाम पर आयोजकों ने भीड़ खींचने की कोशिश की। घाटों का निर्माण कर रही कंपनी ने उमा भारती के कार्यक्रम में शिरकत करने और लोगों से कार्यक्रम में पहुंचने का निमंत्रण दिया था। लेकिन उमा भारती नहीं आई। जिस पर लोगों ने नाराजगी जताई।