उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में लश्कर-ए ताइबा के मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए सुरक्षाबलों ने तीन हाइब्रिड आतंकियों, एक महिला समेत चार मददगारों (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से छह वाहन, दो पिस्तौल तीन मैगजीन, 25 कारतूस, तीन हैंड ग्रेनेड व अन्य हथियार मिले हैं। बांदीपोरो में हाल ही में हुई मुठभेड़ों की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों में एक पाकिस्तान प्रशिक्षित दहशतगर्द भी है, जिसकी पहचान एजाज अहमद निवासी नदिहाल के रूप में हुई है। यह 2018 में वाघा बॉर्डर (अमृतसर) के रास्ते वीजा लेकर पाकिस्तान गया था और प्रशिक्षण लेकर घुसपैठ के जरिये भारत में दाखिल होने के बाद बांदीपोरा में लश्कर के साथ जुड़कर आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहा था।
अधिकारी ने बताया कि अन्य पकड़े गए दो हाईब्रिड आतंकवादियों की पहचान रामपोरा के अब्दुल मजीद और गुंडपोरा के मोहम्मद सादिक लोन के रूप में हुई है। इन दहशतगर्दों को विशेष रूप से बांदीपोरा में सुरक्षाबलों व आसान ठिकानों पर हमले करने का काम सौंपा गया था।
गिरफ्तार ओजीडब्ल्यू में रियाज अहमद मीर उर्फ मिट्ठा सेहरी (बांदीपोरा), गुलाम मोहम्मद वाजा उर्फ गुल बाबा (तौहीदाबाद बाग), मकसूद अहमद मलिक (चिट्टीबंडी अरगम) और तौहीदाबाद बाग की शीमा शफी वाजा है।
प्रारंभिक जांच से समाने आया है कि ये मददगार बांदीपोरा में आतंकियों को पनाह देने, परिवहन सहित रसद सामग्री प्रदान करने में शामिल थे। जबकि महिला ओजीडब्ल्यू बांदीपोरा शहर में वाईफाई हॉटस्पॉट, आवास और आतंकियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में शामिल थी।
वाहनों से आतंकियों को पहुंचाते थे ठिकानों तक
मॉड्यूल के सदस्यों के पास से एक ईको वैन (जेके15ए 1528) भी जब्त की गई है, जिसका उपयोग बांदीपोरा से नौगाम, पंथा चौक और श्रीनगर तक आतंकवादियों को पहुंचाने में किया जा रहा था। तीन स्कूटी भी कब्जे में ली गईं हैं। जिनका प्रयोग पुलिस व सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सुरक्षाबलों की आवाजाही की निगरानी के लिए किया जा रहा था। वहीं एक मारुति 800 और पल्सर बाइक भी जब्त की गई है।