लद्दाख की संवेदनशीलता को समझें
गुप्ता ने कहा कि लद्दाख एक रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र है, जो पाकिस्तान और चीन की सीमा से लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना सर्वोपरि है और लद्दाख के लोग हमेशा देशभक्त रहे हैं।
न्यायिक जांच की मांग पर जवाब
उपराज्यपाल ने बताया कि फिलहाल मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो चुकी है, और न्यायिक जांच की जरूरत को लेकर केंद्र सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं, लेकिन भीड़ ने हालात ऐसे बना दिए थे कि जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई।
मारे गए लोगों में एक पूर्व सैनिक भी था, जिसके बच्चे आर्मी स्कूल में पढ़ते हैं। ये दुखद घटनाएं हैं, लेकिन हालात ऐसे बने कि सख्त कदम उठाने पड़े।
वार्ता के लिए फिर दिया न्यौता
कविंदर गुप्ता गुप्ता ने लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस से अपील की कि वे केंद्र सरकार के साथ 6 अक्तूबर को प्रस्तावित बातचीत में भाग लें।
बातचीत से ही रास्ते निकलते हैं। अगर हम साथ बैठें, तो हर समस्या का समाधान निकल सकता है।
एलएबी और केडीए लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। दोनों संगठनों ने फिलहाल वार्ता से दूरी बना ली है और उनकी मांग है कि पहले न्यायिक जांच शुरू की जाए और हिरासत में लिए गए सभी लोगों, जिसमें सोनम वांगचुक भी शामिल हैं, उनको रिहा किया जाए।