उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एलओसी पार पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में 16 लॉन्चिंग पैड्स सक्रिय हैं। यहां प्रशिक्षित आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। यह आतंकी लगातार कोशिश में रहते हैं कि सीमापार घुसपैठ किया जाए। यह जानकारी डीजीपी दिलबाग सिंह ने वीरवार को यहां दी।
कुपवाड़ा दौरे के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह इलाका जो इस सरहदी पट्टी के सामने पड़ता है लंबे अरसे से बदनाम है। यहां पर ट्रेनिंग कैंप और लॉन्चिंग पैड्स की एक लंबी चौड़ी तादाद है। कम से कम 16 लॉन्चिंग पैड्स इस डिवीजन के सामने सरहद पार पीओजेके में मौजूद हैं। उनकी यहां पर कोई न कोई गतिविधि चलती रहती है कि कहीं न कहीं घुसपैठ की कोशिश कराएं। घुसपैठ की कोशिश पहले भी हुई है और अब भी हो रही है।
इस तरह की कोशिश पाकिस्तानी एजेंसियों की ओर से होती है और इस पार सेना और पुलिस का पूरा यह प्रयास रहता है कि उन कोशिशों को नाकाम किया जाए। आज भी जो ऑपरेशन माच्छिल सेक्टर में हुआ वो भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है। पाकिस्तान में बैठे आकाओं की कोशिश है कि बर्फबारी होने से पहले जितना हो सके ज्यादा आतंकवादियों को इस तरफ भेजा जाए।
आतंकवादियों की संख्या को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा कि आज की तारीख में आतंकवादियों की संख्या बहुत कम हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह संख्या और कम होगी। इसमें पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। आतंकवादियों का सफाया हो जाने से लोगों को भी राहत मिली है। लोग अमन और तरक्की में यकीन रखते हैं। उसके लिए सारे काम कर रहे हैं और प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
सैन्य अफसरों के साथ की बैठक
इससे पहले वीरवार को डीजीपी ने उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा में सेना के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके अलावा उन्होंने नियंत्रण रेखा के करीब कुछ अग्रिम इलाकों का दौरा किया। इस दौरान कश्मीर जोन के एडीजीपी विजय कुमार, एसएसपी युगल मन्हास समेत पुलिस और सेना के अधिकारी उनके साथ रहे।