विंटर टूरिज्म प्रभावित, 40 प्रतिशत बुकिंग रद्द
घाटी में बर्फबारी के बिना न केवल एडवेंचर, बल्कि पर्यटन क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। काफी बुकिंग अब तक रद्द हो चुकी हैं। जम्मू-कश्मीर होटलियर्स क्लब (गुलमर्ग चैप्टर) के अध्यक्ष आकिब चाया ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगभग 40 प्रतिशत बुकिंग रद्द कर दी गई हैं। इस सूखे मौसम ने स्थानीय होटल व्यवसायियों के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। बुकिंग आगामी फरवरी और मार्च के लिए समान रही है। आकिब ने कहा, आर्थिक नतीजे केवल व्यवसायों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि पर्यटन क्षेत्र से सीधे तौर पर जुड़े लोगों की आजीविका को भी प्रभावित कर रहे हैं। गुलमर्ग में मौजूदा हालात चिंताजनक हैं। बर्फ न गिरने से पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आई है, जिससे राजस्व और मेहमानों की कम संख्या को समायोजित करने वाले होटलों की परिचालन क्षमता दोनों पर असर पड़ा है।
पर्यटकों के लिए शुरू की हेली सर्विस
गुलमर्ग में पर्यटकों के आकर्षित करने के लिए हेली सर्विस शुरू की गई है, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। हेली सर्विस शुरू करने वाले गुलमर्ग के स्थानीय युवक बिल्ला मजीद बक्शी ने कहा, यह सर्विस स्कियर और नॉन-स्कियर दोनों के लिए है। नॉन-स्कियर को हम इसमें अफरवट या सनशाइन पीक तक लेकर जाते हैं। वहां वे अच्छे से 2-3 घंटे बिताते हैं, जिसके बाद उन्हें वापस लाया जाता है। इसमें हमने ले जाने और लाने के लिए 13 हजार रुपये रखे हैं। स्कीयर्स के लिए भी सिंगल ड्रॉप का यही किराया है। एक सप्ताह पहले ट्रायल के बाद इसे शुरू किया गया है। इस सुविधा ने पर्यटकों को आकर्षित किया है।
बीते साल 16.5 लाख सैलानी गुलमर्ग घूमने पहुंचे
इन चुनौतियों के बावजूद, गुलमर्ग के हितधारकों ने कहा कि वे बर्फबारी के लिए आशान्वित हैं, जो इस प्रतिष्ठित गंतव्य पर शीतकालीन खेलों की खुशी और रोमांच को वापस लाएगा। कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र, जो काफी हद तक गुलमर्ग की लोकप्रियता पर निर्भर करता है, आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर प्रदान करने और स्थानीय व्यवसायों का समर्थन करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 16.5 लाख पर्यटकों का गुलमर्ग में स्वागत किया गया, जो पिछले वर्ष के 15.4 लाख के आंकड़े को पार कर गया।