कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा के जिला अस्पताल हंदवाड़ा के शवगृह में छह दिन से पड़े चार तंगधार निवासियों के शवों को बीएसएफ ने एयरलिफ्ट कर सोमवार को उनके पैतृक गांवों में पहुंचाया। शोक संतप्त परिवारों ने जिला प्रशासन कुपवाड़ा, अस्पताल प्रबंधन, जम्मू कश्मीर पुलिस और बीएसएफ का आभार जताया है।
जानकारी के अनुसार दिलदार करनाह निवासी शब्बीर अहमद ख्वाजा का आठ फरवरी को श्रीनगर में निधन हुआ था। अमरोही निवासी अली शान भड़ाना की पत्नी साहिब जान का नौ फरवरी को एसएमएचएस अस्पताल श्रीनगर और नवागबरा निवासी मोहम्मद सईद का स्किम्स सोरा में निधन हुआ था। पंजतारण की हलीमा फातिमा ने भी रविवार रात को अस्पताल में दम तोड़ दिया।
भारी बर्फबारी के चलते सड़क मार्ग बंद होने के कारण जिला अस्पताल हंदवाड़ा के शवगृह में शवों को रखा गया था। परिजनों की मांग पर डीसी कुपवाड़ा डॉ. डोईफोड सागर दत्तात्रेय ने एयरलिफ्ट के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई। सोमवार को हंदवाड़ा के अस्पताल से एंबुलेंस से सुबह 8:55 बजे शवों को जांगली ले जाया गया, जहां से सुबह 9:24 बजे बीएसएफ ने एयरलिफ्ट कर सभी शवों को पैतृक गांवों में पहुंचा दिया।
एक अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर हैलिकॉप्टर को जांगली से तंगधार तक पहुंचने में करीब 20 मिनट लगते हैं। वहीं, करनाह-तंगधार के स्थानीय लोगों की मांग है कि कुपवाड़ा से तंगधार के बीच टनल का निर्माण किया जाए, ताकि बर्फबारी से महीनों बंद रहने वाले साधना पास से उन्हें राहत मिल सके।