आतंकी संगठनों की धमकियों और अलगाववादियों के बंद के आह्वानों को कश्मीरी अवाम अब दरकिनार करने लगा है।
कश्मीर में सीजन शुरू होने के बाद अब तक पिछले डेढ़ महीने में रिकॉर्ड चार लाख से अधिक पर्यटकों की आमद इसका प्रमाण है।
पर्यटन उद्योग से जुड़े कश्मीरी बेसब्री से पर्यटकों का इस्तकबाल कर रहे हैं। पर्यटक विभाग द्वारा विभन्न पर्यटक स्थलों पर कश्मीरी संस्कृति से रूबरू कराने के लिए जारी कश्मीर महोत्सव ने भी पर्यटकों को आकर्षित किया है।
सूर्य ढलने के साथ शंकराचार्य मंदिर में महादेव की आरती के लिए घंटियों की आवाज के बीच डल झील पर सैकड़ों की तादाद में पर्यटकों का जमावड़ा लगने लगा है।
डल गेट पर शिकारा चलाने वालों को अब किसी पर्यटकों को आवाज लगाने की जरूरत नहीं, खुद पर्यटक उनके पास पहुंचकर झील की सैर करने के लिए निर्धारित किराया अदा करते हैं।
शिकारा चलाने वाले मोहम्मद लतीफ का कहना है कि अगर सीजन ऐसा चलता रहा, तो उन्हें इस दफा अच्छी कमाई होगी।
डल झील में इन दिनों पर्यटन विभाग के सहयोग द्वारा शुरू की गई बड़ी मोटर बोट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इसके अलावा श्रीनगर के आसपास स्थित पर्यटक स्थलों गुलमर्ग, पहलगाम और मनसाबल झील में भी हजारों की तादाद में रोजाना पर्यटक पहुंच रहे हैं।
श्रीनगर के विश्वविख्यात मुगल और शालीमार गार्डन में जुटने वाली पर्यटकों की भीड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसकी टिकट हासिल करने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं।
राज्य के पर्यटन मंत्री जीएम मीर का कहना है कि पर्यटकों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए टूरिस्ट पुलिस को भी सक्रिय किया गया है।
उन्होंने स्वीकार किया कि अब तक चार लाख से अधिक पर्यटक कश्मीर की वादियों में पहुंच चुके हैं।