श्रीनगर। 24 सप्ताह की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शनिवार को 540 अग्निवीरों का एक नया बैच सेना में शामिल हो गया। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि शहर के बाहरी इलाके में स्थित जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री (जैकलाई) रेजिमेंटल सेंटर में एक अटेस्टेशन और पासिंग आउट परेड आयोजित की गई।
प्रवक्ता के मुताबिक परेड का निरीक्षण व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा ने किया। उन्होंने अग्निवीरों की बेदाग वेशभूषा, तालमेल भरी ड्रिल गतिविधियों और सैन्य आचरण के अनुकरणीय मानकों के लिए उनकी सराहना की।
इस समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों और गर्वित परिजनों ने शिरकत की। इनकी उपस्थिति ने इस अवसर को और भी अधिक गरिमामय और यादगार बना दिया। नए शामिल हुए सैनिकों को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मिश्रा ने उनसे भारतीय सेना की बेहतरीन परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखने और राष्ट्र की सेवा में अडिग रहने का आह्वान किया। सेना अधिकारी ने अग्निवीरों की उस दृढ़ता, सहनशक्ति और उद्देश्य की भावना की सराहना की जो उन्होंने अपने कठिन प्रशिक्षण के दौरान दिखाई।
लेफ्टिनेंट जनरल मिश्रा ने कहा कि आज से वे न केवल सेना की वर्दी और रैंक पहनेंगे बल्कि लाखों भारतीयों की आकांक्षाओं और भरोसे को भी अपने साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनका साहस, दृढ़ संकल्प और लगन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
उन्होंने अग्निवीरों से आग्रह किया कि वे भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को बनाए रखें और समर्पण, अनुशासन तथा पेशेवर रवैये के माध्यम से इसकी समृद्ध विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। जीओसी ने अग्निवीरों के परिवारों के योगदान को भी सराहा और अपने बच्चों को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए समर्थन व प्रोत्साहन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
लेफ्टिनेंट जनरल मिश्रा ने ट्रेनिंग स्टाफ और इंस्ट्रक्टरों की भी तारीफ की जिन्होंने युवा अग्निवीरों को अनुशासित और युद्ध के लिए तैयार सैनिकों के रूप में ढालने में अथक प्रयास किए।
परेड उस समय बेहद भावुक हो गई, जब युवा सैनिकों ने निष्ठा की शपथ ली और पूरे आत्मविश्वास और गर्व के साथ मार्च पास्ट किया। जीओसी ने उनसे कहा कि आप भाग्यशाली हैं कि आप ऐसी सेना का हिस्सा बने हैं जिसका बहादुरी, बलिदान और देशभक्ति का इतिहास सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। भारतीय सेना न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने वाली एक शक्ति है, बल्कि देश के लोगों के लिए विश्वास, सुरक्षा और उम्मीद का प्रतीक भी है। कोर कमांडर ने युद्धों, आतंकवाद-रोधी अभियानों, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतियों के दौरान देश की रक्षा करने में भारतीय सेना द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में सेना ही देश के लिए उम्मीद और सहारे की पहली किरण बनी रहती है। परेड ग्राउंड में जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज ऊंचा लहराया तो अंतिम सलामी की गूंज पूरे आयोजन स्थल पर फैल गई।
फिजा बदल रही है...
अग्निवीरों में कश्मीर के युवाओं की अधिक संख्या .
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पास आउट हुए 540 अग्निवीरों में से आधी से ज्यादा संख्या कश्मीर संभाग के युवाओं की थी जोकि यह दर्शाता है कि कश्मीर में सेना में भर्ती को लेकर मानसिकता बदली है। यह एक नतीजा है कश्मीर में बदलती हुई फिजा का। कश्मीरी युवा खुलकर सेना में शामिल होने के लिए आगे आ रहे हैं। पहले भी आते थे लेकिन खुलकर नहीं लेकिन अब वह देश की सेवा करने के लिए आगे आ रहे हैं और अभिभावकों में भी खुशी है।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर की परवीना ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि मेरा बेटा सेना में भर्ती हुआ है। उसे भी बचपन से सेना में जाने का शौक था, पहले वो एनसीसी में गया और उसके बाद सेना की भर्ती के लिए कोशिश की और शामिल हो गया। यह हमारे लिए गर्व की बात है, सब बच्चों को चाहिए कि देश की सेवा के लिए तैयार रहें।
एक अन्य अब्दुल रशीद ने कहा कि मैं आज अपने भतीजे की पासिंग आउट परेड में शामिल होकर गर्व महसूस कर रहा हूं। हम भी बॉर्डर इलाके के हैं और हमें फौजी परिवार के नाम से जाना जाता है। बॉर्डर के रहने वाले हैं और हम तो चाहते हैं कि हर सिविलियन के पास हथियार होना चाहिए ताकि दुश्मन का मुहतोड़ जवाब दे सकें। वो नहीं मिल सका लेकिन हम अपने बच्चों को फ़ौज में भेजकर बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। वह देश की रक्षा करने के लिए सेना में शामिल हुए हैं।
हौसले हैं बुलंद, देश के लिए जान देने के लिए तैयार: अग्निवीर
श्रीनगर। जैकलाई रेजिमेंटल सेंटर में 24 हफ्ते की कठिन ट्रेनिंग करने के बाद सेना में अपना पहला कदम रखने वाले अग्निवीरों ने कहा कि हमें अपने आप पर बहुत गर्व है। उन्होंने कहा कि हमारे हौसले बुलंद हैं और अपने देश के लिए हम अपनी जान तक देने के लिए तैयार हैं।
उड़ी के बासित अली ने कहा, आज हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है क्योंकि कठिन परिस्थितियों को पार करके आज हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। आज हम भारतीय सेना का हिस्सा बन चुके हैं। हमने सेना से बहुत कुछ सीखा है, अनुशासन और जीने का तरीका। हमारा युवाओं के लिए यही संदेश रहेगा कि तैयारी कर जल्द से जल्द सेना में शामिल हों।
तंगधार के शाहिद ने कहा कि मुझे पासिंग आउट परेड के मौके पर बहुत खुशी हो रही है। हमने कड़ी ट्रेनिंग की और आज हम सेना में पहला कदम रखने जा रहे हैं। इससे ज्यादा गर्व की बात कुछ नहीं। हम अपने देश की रक्षा में अपनी जान तक न्योछावर करने के लिए तैयार हैं। हमारे देश की ओर जो कोई भी देखेगा उसे मुहतोड़ जवाब देंगे। हमने अपने इलाके में घुसपैठ, मुठभेड़ आदि देखी हैं और आज हाथों में बंदूक लेकर उसका बदला लेने का मौका हमें मिला है।