श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को आरएसएस पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबोले की इस टिप्पणी का स्वागत किया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
मुफ्ती ने यहां पार्टी मुख्यालय में कहा कि यह एक स्वागत योग्य कदम है, हम इसका स्वागत करते हैं। यह पीडीपी के रुख, खासकर पार्टी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के रुख को सही साबित करता है। उनका मानना था कि अगर जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित करनी है और हालात सुधारने हैं तो पाकिस्तान के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए और बातचीत जारी रहनी चाहिए क्योंकि इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मशहूर बात का जिक्र करते हुए कि ''''आप दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं'''', मुफ्ती ने कहा कि यह अच्छी बात है कि आरएसएस महासचिव ने कहा है कि भारत को पाकिस्तान से बात करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। एक तरफ ईरान जैसा छोटा देश था और दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल जैसी महाशक्तियां थीं। उन्होंने ईरान पर कई हमले किए लेकिन आखिरकार वे भी बातचीत के जरिए इस मुद्दे का कोई हल चाहते हैं। ''''ऑपरेशन सिंदूर'''' को एक साल पूरा होने पर मुफ्ती ने कहा कि दोनों तरफ यह अहसास है कि बातचीत होनी चाहिए। अगर हमें साथ मिलकर रहना है और तरक्की करनी है, खासकर जैसा कि हमारा अनुभव रहा है कि मनमोहन सिंह और वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान जब बातचीत की प्रक्रिया चल रही थी, तो उसका जम्मू कश्मीर पर सकारात्मक असर पड़ा था। आतंकवाद में कमी आई थी और लोगों की गिरफ्तारियां तथा ज्यादतियां भी कम हो गई थीं।
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें कुछ ऐसी रिपोर्टों की जानकारी है कि पिछले 2-3 महीनों से भारत और पाकिस्तान के रिटायर्ड जनरलों और नौकरशाहों के बीच किसी तीसरे देश में बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि इसका जम्मू कश्मीर के माहौल पर सकारात्मक असर पड़े। उन्होंने आगे कहा कि अगर इसे सचमुच आगे बढ़ाया जाता है तो इसका जम्मू कश्मीर के माहौल पर सकारात्मक असर पड़ेगा और लोगों को ''''राष्ट्र-विरोधी'''' होने के नाम पर शक और उत्पीड़न से कुछ राहत मिलेगी।
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अगर पीडीपी के पास बहुमत होता तो शराब पर बैन लगा सकते थे: मुफ्ती
कहा- अगर नेकां ने बिजली प्रोजेक्ट्स एनएचपीसी को नहीं सौंपे होते तो शराब से होने वाली कमाई पर निर्भर नहीं होते
श्रीनगर। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि जब उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर में सत्ता में थी तो उसने सबसे ज्यादा शराब के लाइसेंस जारी किए थे। इस पर मुफ्ती ने कहा कि अगर पीडीपी के पास भी नेकां जैसा भारी बहुमत होता तो पीडीपी सरकार शराब पर बैन लगा सकती थी। पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने दो बार सरकार बनाई लेकिन दोनों ही बार वह गठबंधन में थी। हमारे पास कभी भी इतना भारी बहुमत नहीं था कि हम शराब पर बैन लगा पाते। आज नेकां के पास लगभग 50 विधायक हैं, इसलिए अगर हमारे पास भी ऐसा बहुमत होता तो शायद हम कोई कदम उठा पाते।
उन्होंने कहा कि अगर नेकां अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर के बिजली प्रोजेक्ट्स एनएचपीसी को नहीं सौंपे होते तो शराब से होने वाली कमाई पर निर्भर रहने की कोई जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि मैं डॉ. फारूक अब्दुल्ला से कहना चाहती हूं कि हमारी कमाई का सबसे बड़ा जरिया हमारे बिजली प्रोजेक्ट्स हो सकते थे लेकिन जब आप 1996 में मुख्यमंत्री थे और उमर अब्दुल्ला भाजपा सरकार में मंत्री थे तो आपने सात बिजली प्रोजेक्ट्स एनएचपीसी को सौंप दिए। आपने खुद ही ऐसे संसाधन सौंप दिए जो अगर हमारे पास होते तो शराब की दुकानों की कोई जरूरत नहीं पड़ती। मुफ़्ती ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हाल ही में दो बिजली प्रोजेक्ट्स एनएचपीसी को सौंप दिए। ब्यूरो