उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की अधिकारियों, स्वयंसेवकों और सेवा प्रदाताओं की सराहना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का जोश बरकरार है। 12 दिन में ही ऐतिहासिक तौर से तीन लाख लोग यात्रा में शामिल हो चुके हैं। उपराज्यपाल ने इस मौके पर अधिकारियों, स्वयंसेवकों और सेवा प्रदाताओं की सराहना भी की है।
मंगलवार को एक्स पर साझा किए संदेश में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा शुरू होने के सिर्फ 12 दिन में 3 लाख श्रद्धालुओ का आंकड़ा पार करके एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। सभी अधिकारियों, सेवा प्रदाताओं और स्वयंसेवकों की सराहना करता हूं। उनके समर्पण और कड़ी मेहनत ने बाबा बर्फानी के हर भक्त के लिए इस पवित्र यात्रा को सुगम और यादगार बना दिया है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित रही है। बालटाल और पहलगाम, दोनों ही मार्गों पर प्रशासन, सुरक्षा बलों और स्थानीय सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला है।श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छ पेयजल और चौबीसों घंटे लंगर की व्यवस्था की गई है। दुर्गम रास्तों और बदलते मौसम की चुनौतियों के बीच भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें और आपदा प्रबंधन दल मुस्तैद हैं, जो यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहे हैं।
यात्रा के इस सफल पड़ाव पर अधिकारियों, सेवा प्रदाताओं, टेंट व्यवसायियों, टट्टू वालों और देश-विदेश से आए स्वयंसेवकों की चौतरफा सराहना हो रही है। उनके अद्वितीय समर्पण, कड़ी मेहनत और सेवा भाव ने ही बाबा बर्फानी के हर भक्त के लिए इस कठिन और पवित्र यात्रा को सुगम व यादगार बनाया है। दुर्गम पहाड़ियों पर निस्वार्थ भाव से की जा रही यह सेवा ही इस यात्रा की असली रीढ़ है।
हर हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान हुईं घाटियां
पवित्र गुफा की ओर बढ़ने वाले हर मार्ग पर ''हर हर महादेव'' और ''बम बम भोले'' के जयकारे गूंज रहे हैं। देश के कोने-कोने से आ रहे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। भक्तों का कहना है कि रास्ते की कठिनाइयां बाबा के दर्शन की चाह के आगे बहुत छोटी साबित हो रही हैं और श्राइन बोर्ड द्वारा किए गए इंतजामों ने उनके सफर को काफी आसान बना दिया है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं का उत्साह इसी तरह बना रहेगा और यह यात्रा सुरक्षा व सुशासन के नए मानक स्थापित करते हुए सफलतापूर्वक संपन्न होगी।