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Jammu Kashmir: किसानों के दरवाजे तक पहुंचेंगी पशु चिकित्सा सुविधाएं- केंद्रीय मंत्री रुपाला

Wed, 12 Oct 2022 03:52 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस सेवा को शुरू करने वाला देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन, पशु पालन और डेयरी क्षेत्र के लिए जम्मू कश्मीर को केंद्रीय मंत्रालय से पूर्ण समर्थन मिलेगा।
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Jammu Kashmir - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने कहा कि ए हेल्प कार्यक्रम और मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई योजना पशु सखियों को सशक्त करते हुए किसानों के दरवाजे पर पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को बढ़ाएगी। केंद्रीय मंत्री ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ मंगलवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में ए हेल्प (स्वास्थ्य व पशुधन उत्पादन के विस्तार के लिए मान्यता प्राप्त एजेंट) कार्यक्रम और मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई योजना का शुभारंभ किया।

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इस मौके पर रुपाला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस सेवा को शुरू करने वाला देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन, पशु पालन और डेयरी क्षेत्र के लिए जम्मू कश्मीर को केंद्रीय मंत्रालय से पूर्ण समर्थन मिलेगा। किसान केंद्र सरकार की योजनाओं का आगे आकर लाभ उठाएं। जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या बदले हुए जम्मू कश्मीर को दिखा रही है।

उन्होंने किसानों को दरवाजे तक पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए 50 अत्याधुनिक मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। केसीसी के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए। उन्होंने कहा कि नए कार्यक्रमों को पशु पालन और पशु चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में नए युग की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से समग्र देश के पशुपालकों को मोबाइल वेटरनरी यूनिट की एक अनूठी भेंट दी गई है। आज यहां जम्मू और कश्मीर के लिए 25-25 मोबाइल यूनिट को हरी झंडी दिखाकर लांच किया गया है।
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एक कॉल पर मिलेगी वेटनरी अस्पताल की सेवाएं: एलजी

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह नई पहल टीकाकरण, प्रजनन और पशुधन विस्तार कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अब एक कॉल पर वेटनरी अस्पताल की सेवाएं मिलेंगी। डेयरी किसान 1962 पर काल करके मोबाइल वेटनरी इकाई सेवाओं का लाभ पा सकते हैं। महिलाओं ने पशुधन पालन सहित कृषि गतिविधियों में शामिल होकर घरेलू आय को बढ़ाने में भूमिका निभाई है। इससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। महिलाओं को अवसर प्रदान करके लिए कमी को ए हेल्प कार्यक्रम दूर करेगा। कृषि और संबद्ध क्षेत्र आज आत्मविश्वास से भरा हुआ है। एक शीर्ष समिति ने अतिरिक्त उच्च आय और रोजगार क्षमता को ध्यान में रखते हुए रोड मैप तैयार किया है। जेकेआरएलएम द्वारा स्थापित दुग्ध स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को ग्राम स्तरीय डेयरी सहकारी समितियां कहा जाएगा।

मत्स्य पालन, पशु और भेड़ पालन को बढ़ावा दें अधिकारी: बालियान
शोपियां। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने मंगलवार को केंद्र सरकार के जनसंपर्क कार्यक्रम के तीसरे चरण में शोपियां में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को मत्स्य पालन, पशु और भेड़ पालन में उद्यमिता उपक्रमों को बढ़ावा देने को कहा।

उन्होंने कहा कि इससे बेरोजगारों को रोजगार के अधिक अवसर प्रदान किए जा सकेंगे। मंत्री ने 1186.30 लाख की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाली 3 सड़क परियोजनाओं शिरमल-बालपोरा-तेंगवानी रोड, हाजीपोरा-अरखरा रोड और गुरिनार्ड-चंचमर्ग रोड का उद्घाटन किया।
इस दौरान मंत्री ने आईडीडीएस और आईपीडीपी जैसी केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के साथ पशु, भेड़ पालन और मत्स्य पालन क्षेत्र के काम की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों द्वारा ऊन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, ऊन बोर्ड के गठन की आवश्यकता से अवगत कराया गया। उन्होंने ऊन की कम दरों और उत्पाद के लिए एमएसपी की आवश्यकता, मछली पालन के लिए बीमा, एलएसडी के लिए पर्याप्त टीकाकरण को भी हरी झंडी दिखाई।

इस मौके पर डॉ. संजीव ने डीडीसी, बीडीसी सदस्यों, एमसी काउंसलर और अन्य पीआरआई सदस्यों के साथ भी बातचीत की और कई मुद्दों और मांगों को सुना। उन्होंने सर्दियों में दूध की उत्पादकता में गिरावट से निपटने के लिए सर्दियों के दौरान पौष्टिक चारा उपलब्ध कराने के लिए भी कहा।

बारला ने रामबन में 10.5 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की रखी नींव
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉन बारला ने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के कल्याण के लिए विभिन्न विकास योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने 10.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली तीन जलापूर्ति योजनाओं सहित कई परियोजनाओं का ई-उद्घाटन और ई-फाउंडेशन कराया।

केंद्रीय मंत्री ने कुंडी करोल जल योजना के लिए 1. 96 करोड़, जलापूर्ति योजना नीरा (नई) 3.37 करोड़ रुपये और जलापूर्ति योजना बोहरधर जल जीवन मिशन के तहत 5.18 करोड़ रुपये की परियोजना का उद्घाटन कया। मंत्री ने अमृत सरोवर, दूरी लगगली, धनद्रथ-बी, थलवा, परनोट बी, लिवरा, चमलवास, सांकरी मंदिर खलधर और हार्वेस्टिंग पॉन्ड, बास भट्टन सहित विकास परियोजनाओं का ई-उद्घाटन भी किया। इससे पहले, मंत्री ने प्रदर्शनी-सह-जागरूकता शिविर का उद्घाटन किया।

एक दिवसीय जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान यहां पहुंचे मंत्री ने जिले के विकास परिदृश्य की समीक्षा के लिए अधिकारियों और पंचायती राज संस्थाओं की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए सभी कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ प्रदान करने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।

बेघरों को घर उपलब्ध कराने के लिए पीएमएवाई को एक अच्छी पहल बताते हुए, केंद्रीय मंत्री ने प्रशासन से इस योजना को संतृप्त करने के लिए कहा ताकि प्रत्येक बेघर को योजना के तहत घर मिल सके। केंद्रीय मंत्री ने विभागवार, योजनावार और क्षेत्रवार विस्तृत समीक्षा करते हुए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। मंत्री ने केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न क्षेत्रों की विभिन्न सामाजिक और वित्तीय सहायता योजनाओं के तहत लाभार्थियों के बीच सहायता वितरित की। योजना के तहत लाभार्थियों को वाहनों की चाबियां, तेजस्वनी योजना के तहत स्वीकृति पत्र, पीएमईजीपी और राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के तहत लाभार्थियों के बीच अपनी आय सृजन इकाइयों की स्थापना के लिए प्रमाण पत्र भी सौंपे।

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