शहर श्रीनगर में तेजाब हमले की घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए पुलिस ने सोमवार को दो महिला सुरक्षा दस्तों की शुरूआत की। ये दस्ते शहर के कोचिंग सेंटरों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास के इलाकों में गश्त करेंगे। यह दल इन केंद्रों के भी संपर्क में रहेगा। प्रत्येक दस्ते में 5 महिला पुलिस अधिकारी शामिल होंगी। श्रीनगर पुलिस की महिला इंस्पेक्टर खालिदा परवीन को इन दोनों दस्तों का समग्र प्रभारी बनाया गया है।
डीआईजी मध्य कश्मीर सुजीत कुमार ने इन दस्तों की पहली गश्त को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस पहल के लिए जिला पुलिस श्रीनगर की सराहना की और कहा कि इससे महिलाओं के खिलाफ अपराध में कमी आएगी और हाल ही में हुए एसिड हमले जैसे अपराधों को रोका जा सकेगा। इस मौके पर श्रीनगर के एसएसपी राकेश बलवाल और जिला पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
महिला हेल्पलाइन भी शुरू की
इसके अलावा श्रीनगर पुलिस द्वारा एक समर्पित महिला हेल्पलाइन 9596770601 शुरू की गई जो पहले से ही महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों के लिए सातों दिन 24 घंटे चालू है। यह दस्ता पीसीआर वैन, अधिकार क्षेत्र के पुलिस थानों और महिला थाना रामबाग के साथ मिलकर काम करेगा। बता दें कि श्रीनगर के एसएसपी पहले ही यह आश्वासन दे चुके हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराध बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस संबंध में निवारक और सुधारात्मक दोनों उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा।