हैदरपोरा मुठभेड़: शव सौंपने के मामले में गृह मंत्रालय को दो सप्ताह की मोहलत, मुठभेड़ में मारे गए व्यक्ति के पिता की याचिका पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में सुनवाई
मुठभेड़ में मारे गए मोहम्मद आमिर मागरे के पिता ने बेटे को रीति रिवाज के साथ सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए शव मांगा है। उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की।
श्रीनगर के हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गए व्यक्ति के पिता की याचिका पर हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय को दो सप्ताह का और समय दिया है। मुठभेड़ में मारे गए मोहम्मद आमिर मागरे के पिता ने बेटे को रीति रिवाज के साथ सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए शव मांगा है। न्यायाधीश डीएस ठाकुर के समक्ष गृह मंत्रालय के अधिवक्ता ने अतिरिक्त समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दे दिया।
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याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट दीपिका सिंह रजावत ने कहा कि परिवार पहले से सदमे में है। चिकित्सकीय दृष्टिकोण से भी इस मामले में और देरी मुनासिब नहीं है। पिता को उसके बेटे का शव सौंपा जाना चाहिए। मागरे ने सात दिसंबर को एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात कर बेटे का शव सौंपने और घटना की मजीस्ट्रियल जांच की मांग की थी।
मागरे ने कहा था कि मारे गए मकान मालिक और डॉक्टर के शव उनके परिवार वालों को सौंपे गए हैं। आमिर उसी कार्यालय में चमरासी था। वहीं, मामले में विशेष जांच समिति की अध्यक्षता कर रहे डीआईजी सुजीत के सिंह ने कहा था कि आमिर विदेशी आतंकी बिलाल भाई का करीबी था, जो मुठभेड़ में मारा गया है।