श्रीनगर। कश्मीर घाटी में नए साल में पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की रणनीति बेहद कारगर नजर आ रही है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की जगह मानवीय सूत्र प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बीते 20 दिनों में विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए 14 आतंकियों में छह पाकिस्तानी हैं। जिनमें बाबर और हमजा जैसे कुख्यात आतंकी शामिल हैं।
सुरक्षाबलों की इस रणनीति से आतंकियों के मददगार ओर ग्राउंड वर्करों के संजाल को कमजोर करने में मदद मिली है। इस महीने में ही करीब एक दर्जन ओजीडब्ल्यू को कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया गया है।
पाकिस्तानी आतंकियों की कश्मीर घाटी में मौजूदगी हमेशा से सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती रही है। उच्च प्रशिक्षित ये आतंकी कश्मीरी युवाओं को बरगलाकर आतंकी संगठनों में भर्ती करवाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विदेशी आतंकी स्थानीय कश्मीरी युवाओं को आतंकी गुटों में शामिल करने के लिए घाटी में प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं और आतंकवाद में शामिल करने से पहले इन युवाओं का ब्रेनवाश कर उ्न्हें कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाया जाता है। फिर कुछ दिनों का प्रशिक्षण देकर आतंक के रास्ते पर धकेल दिया जाता है। इसलिए अब विशेष रूप से विदेशी आतंकियों के सफाए पर फोकस किया जा रहा है।
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विदेशी आतंकियों के सफाए पर जोर: आईजी
कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कुमार के अनुसार एक विदेशी आतंकी घाटी में आता है तो इसका मतलब है कि वह चार स्थानीय लड़कों को आतंकी रैंक में भर्ती करेगा। इसलिए हम विदेशी आतंकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और उन सभी को जल्द खत्म करना चाहते हैं, ताकि युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती को रोका जा सके।
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सर्दियों में मैदानी इलाकों में आते हैं आतंकी
सुरक्षा एजेंसियों का यह भी मानना है कि सर्दियों का मौसम विदेशी आतंकियों को खत्म करने का सबसे अच्छा समय है, क्योंकि ऊंचाई वाले इलाके पूरी तरह से बर्फ से ढके होते हैं, इसलिए ये आतंकी मैदानी इलाकों का रुख करते हैं। ऐसे समय में सुरक्षाबल इन आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाना चाहते हैं। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां तकनीकि के साथ मानवीय सूत्रों का भी सहारा ले रही हैं। जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में सुरक्षाबल ज्यादा से ज्यादा विदेशी आतंकियों का सफाया कर देने की योजना पर काम कर रहे हैं।
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कश्मीर घाटी में 85 विदेशी आतंकी
सूत्रों के मुताबिक कश्मीर घाटी में 85 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। इन्हें पाकिस्तानी आकाओं द्वारा निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में आतंकी संगठनों में भर्ती करें और उन्हें घाटी में ही प्रशिक्षित करें।