श्रीनगर। स्थानीय टैगोर हॉल में रविवार को 68वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह का एक हफ्ते तक चलने वाला उत्सव संपन्न हो गया। इस अवसर पर कश्मीर संभाग के आयुक्त पांडुरंग के पोल ने सहकारिता आंदोलन के महत्व व इसके परिणामों पर प्रकाश डाला और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के बारे में जागरूकता पैदा की, सफलता की कहानियों को साझा किया और सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए भविष्य की रणनीति तैयार की।
सप्ताह भर में युवाओं को सहकारी योजनाओं, सरकार के सहयोग से अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के अवसरों से अवगत कराया गया। उन्हें इस बात से अवगत कराया गया कि वे सरकार से वित्तीय सहायता कैसे ले सकते हैं। इस दौरान सहकारी समितियों के उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस समारोह में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल करके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के तरीकों और विभिन्न क्षेत्रों में नई सहकारी समितियों के गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसका आयोजन 14 से 20 नवंबर तक किया जाता है।
रविवार को आयोजित समापन समारोह में जम्मू-कश्मीर सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार शफाकत इकबाल ने कहा, इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि बेरोजगार युवा सहकारी समिति से जुड़ सकते हैं। हमने उन्हें योजनाओं के बारे में बताया ताकि वे अपना काम शुरू कर सकें। वे सहकारी समिति के पंजीकरण के लिए वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। हम उन्हें सभी प्रकार की लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने का प्रयास करेंगे।