मुख्यमंत्री ने ट्यूलिप गार्डन के प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, हमारे पर्यटन सीजन को पहले केवल दो समय सीमाओं तक सीमित किया जाता था सर्दी जब पर्यटक बर्फबारी देखने आते थे और मई में जब लोग बागों और अन्य प्राकृतिक स्थलों का दौरा करते थे। लेकिन ट्यूलिप गार्डन के स्थापना के बाद यह पैटर्न बदल गया और मार्च और अप्रैल में भी पर्यटन सीजन बढ़ गया। यह गार्डन अक्टूबर और नवम्बर में ट्यूलिप गार्डन की तरह पर्यटन को बढ़ावा देगा और कश्मीर के अन्य हिस्सों में भी पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना की स्थिरता पर भी चर्चा करते हुए कहा कि क्राइसेंथमम फूल स्थानीय रूप से उगाए जा सकते हैं, जिससे इसे बनाए रखने के लिए बाहरी निर्भरता नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प और फ्लोरीकल्चर जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, और इन क्षेत्रों में काम कर रहे या काम करने के इच्छुक किसानों को सभी संभव सहायता प्रदान की जाएगी।