सर्थली के पास बनाई गई फल एवं सब्जी मंडी लगभग दो वर्षों से शुरू होने का कर रही इंतजार
हाफिज कुरैशी
बनी। किसानों और बागवानों को उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सर्थली के पास बनाई गई फल एवं सब्जी मंडी लगभग दो वर्षों से शुरू होने का इंतजार कर रही है। स्थानीय स्तर पर अपनी मंडी के नाम से तैयार की गई यह फल एवं सब्जी मंडी क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
बनी और आसपास के इलाकों में किसान विभिन्न प्रकार की सब्जियों और फलों का उत्पादन करते हैं, लेकिन अपनी उपज को बेचने के लिए उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों के अनुसार, स्थानीय बाजार में कई बार उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए खरीदारों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उनकी मेहनत के मुताबिक आमदनी नहीं हो पाती। किसानों का कहना है कि यदि क्षेत्र में फल एवं सब्जी मंडी नियमित रूप से शुरू हो जाए, तो उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिल सकता है और बिचौलियों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
किसान उत्पादन बढ़ाने को होंगे प्रोत्साहित
स्थानीय किसान सतीश शर्मा का कहना है कि सब्जियों और फलों की मार्केटिंग करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि बनी में फल एवं सब्जी मंडी शुरू हो जाती है, तो किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। उचित बाजार और दाम मिलने पर किसान सब्जियों एवं फलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे। किसान मोहम्मद आजाद ने कहा कि मंडी शुरू होने से किसानों की न केवल उनकी मार्केटिंग संबंधी समस्याएं कम होंगी, बल्कि कृषि और बागवानी से जुड़े लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। किसान शाहरुख अहमद ने प्रशासन से मांग की कि सर्थली के पास तैयार फल एवं सब्जी मंडी को जल्द से जल्द किसानों के लिए समर्पित की जाए।
किसानों को मिल सकता है बेहतर बाजार
फल एवं सब्जी मंडी नियमित रूप से शुरू हो जाती है, तो किसानों को अपनी उपज की बिक्री के लिए स्थानीय स्तर पर एक व्यवस्थित बाजार मिल सकता है। इससे परिवहन संबंधी परेशानियां कम करने, उपज की बेहतर कीमत प्राप्त करने, कृषि उत्पादों की बिक्री को व्यवस्थित बनाने और स्थानीय किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
किसानों को सरकार और प्रशासन से उम्मीद
किसानों का कहना है कि फल एवं सब्जी मंडी केवल एक इमारत नहीं, बल्कि उनकी मेहनत को उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में करीब दो वर्षों से तैयार मंडी का अब तक शुरू न होना किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मंडी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में जल्द कदम उठाएंगे, ताकि उन्हें उपज बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भर न रहना पड़े।