बिना पूर्व मंजूरी अतिरिक्त बजट पर लगाई रोक
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमिनार, सम्मेलनों, कार्यशालाओं और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों पर होने वाले खर्च के नियम सख्त कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने अपने सभी शैक्षणिक और प्रशासनिक विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे किसी भी आयोजन का खर्च अपनी स्वीकृत बजट सीमा के भीतर ही रखें। विश्वविद्यालय के विकास अनुभाग की ओर से जारी ये निर्देश विश्वविद्यालय या विभागीय स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन करने वाले सभी संकायाध्यक्षों (डीन), विभागाध्यक्षों, निदेशकों और समन्वयकों पर लागू होंगे।
नये दिशा-निर्देशों के अनुसार सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशाला, संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आधिकारिक समारोहों का खर्च आवंटित बजट या उपलब्ध अनुदान तक ही सीमित रखना अनिवार्य कर दिया गया है। विश्वविद्यालय ने यह भी साफ कर दिया है कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व औपचारिक मंजूरी के बिना कोई भी अतिरिक्त या पूरक खर्च नहीं किया जा सकेगा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कश्मीर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और केंद्रों में शैक्षणिक कार्यक्रम, सेमिनार, व्याख्यान और अन्य संस्थागत गतिविधियां लगातार आयोजित की जा रही हैं। यह सर्कुलर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।