आतंकी गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की जांच के दौरान विभिन्न ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए किए गए संदिग्ध लेनदेन का विश्लेषण किया गया। इससे कई स्तरों पर पैसों के लेनदेन और उनके स्रोत का पता चला। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क में शामिल कुछ लोगों के संबंध अलग-अलग जेलों में बंद आतंकियों और उनके सहयोगियों से भी थे।
इस मामले में शोपियां पुलिस थाने में एफआईआर संख्या 231/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शोपियां के सैदपोरा बाला निवासी ओवैस शफी नाइकू, रावलपोरा निवासी तजामुल अहमद शाह, चित्रगाम कलां निवासी मोज इकबाल और इमदाद यूसुफ गनई, पुलवामा के मुर्रन निवासी साकिब जहूर वानी और लियाकत नजीर लोन, पुलवामा के अरमोह निवासी आमिर अहमद गनई, त्रेंज के नादीगुंड निवासी फिरदौस ठोकर तथा कठुआ के चेक हरिया निवासी मोहम्मद हनीफ और काजू के रूप में हुई है।
पुलिस की जांच में आरोप है कि आरोपी आम लोगों से गुप्त रूप से पैसे जुटा रहे थे और फिर इस रकम को तय वित्तीय माध्यमों के जरिए आतंकी संगठनों तक पहुंचाया जा रहा था। इस धनराशि का इस्तेमाल लश्कर-ए-ताइबा और टीआरएफ की आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने में किया जा रहा था। इसमें आतंकियों और उनके सहयोगियों तक स्मार्टफोन पहुंचाना भी शामिल था।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेनदेन की कड़ियों और इसमें शामिल दूसरे लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।