पैरा यूनिट के कमांडिंग अफसर कर्नल करण भाटिया ने बताया कि पैराशूट यूनिट एक स्पेशल यूनिट होती है जिसे विशेष ऑपरेशनों को अंजाम देने में इस्तेमाल किया जाता है। जवानों के पास विशेष हथियार होते हैं और इन्हें हर उस जगह विशेष ऑपरेशनों के लिए तैनात किया जाता है जहां-जहां भारतीय सेना तैनात है। ऑपरेशन न होने के दौरान यूनिट में अभ्यास भी चलाया जाता है। जिसमें पहला विकल्प अगर फेल हुआ तो दूसरा क्या होगा उस पर चर्चा करते रहते हैं। इस अभ्यास को 'अगर-मगर का अभ्यास' कहा जाता है।
इन हथियारों का करते हैं इस्तेमाल
पैरा यूनिट के जवान इजराइल मेड टैवोर-21 असाल्ट राइफल (करीब 550 मीटर रेंज), ऑस्ट्रिया मेड गलॉक-17 पिस्तौल, इजराइल मेड ऊजी एसएमजी (करीब 200 मीटर रेंज), नाइट विजन डिवाइस, लेजर (हथियार के ऊपर लगा हुआ), बॉडी कैमरा, सोल्जर नाइफ बैलिस्टिक शील्ड्स, नी/एल्बो गार्ड, सर्च लाइट आदि का इस्तेमाल करते हैं।