शनिवार को श्रीनगर में उन्होंने कहा कि देश में नफरत भरी भाषा को सामान्य बना दिया गया है, और लोग इस पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे ऐसे तत्वों को और बढ़ावा मिल रहा है जो समाज को बांटना चाहते हैं।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिखा कि भाजपा के तथाकथित 'विकसित भारत' में हेट स्पीच को सामान्य बना दिया गया है, यहां तक कि अजन्मे मुस्लिम बच्चों को भी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि देश में घरों और मस्जिदों को बिना किसी डर के तोड़ा जा रहा है, जबकि मुस्लिम, ईसाई, दलित और आदिवासी समुदायों को लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की भाषा और घटनाओं पर लगातार बनी चुप्पी समाज में विभाजन को और बढ़ावा दे रही है।
महबूबा मुफ्ती ने यह टिप्पणी कथित तौर पर हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष ललित शर्मा के उस बयान के संदर्भ में की, जिसमें उन्होंने मुस्लिम महिलाओं और अजन्मे बच्चों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।