जी-20 पर्यटन कार्य समूह की 22 से 24 मई तक श्रीनगर में प्रस्तावित बैठक से कश्मीर घाटी में पर्यटन से जुड़े हितधारकों को काफी उम्मीद है। उनका मानना है कि इससे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा तो यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों और अमेरिका द्वारा जम्मू कश्मीर के लिए बने यात्रा दिशा-निर्देश (ट्रैवल एडवाइजरी) को खत्म करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
यह एडवाइजरी 1990 के दशक से ही लागू है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन के पर्यटन सचिव सैयद आबिद राशिद ने बताया कि कश्मीर घाटी में शांति है और कुछ ऐसे उदाहरण हैं जहां यूरोपीय देश ट्रैवल एडवाइजरी को हटाने पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक पर्यटन हितधारक के रूप में वह जी-20 कार्यक्रम का स्वागत करते हैं।
कश्मीर में व्यापक पैमाने पर बदलाव हुए हैं। बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक घाटी आ रहे हैं और यहां बिल्कुल सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा परामर्श जारी करने वाले देशों के प्रतिनिधि जी-20 बैठक के लिए घाटी में होंगे। उन्हें यकीन है कि इन बातों पर चर्चा की जाएगी और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और कश्मीर के शांतिपूर्ण वातावरण को ध्यान में रखते हुए एडवाइजरी को हटाने पर विचार किया जाएगा। विभिन्न देशों के पर्यटकों के आने से समग्र पर्यटन उद्योग को लाभ होगा।
एडवाइजरी रद्द करने का सही समय
पर्यटन व्यापार से जुड़े मंजूर अहमद वांग्नू ने कहा कि एडवाइजरी को रद्द करने का यह सबसे अच्छा समय है। पिछले दो वर्षों से, सभी होटल, हाउसबोट भरे हुए हैं। इसका श्रेय पर्यटन विभाग को जाता है। इससे पहले कोविड के कारण व्यवसाय लगभग शून्य था। अब पर्यटक आ रहे हैं, वे जानना चाहते हैं कि उन्हें होटल के कमरे मिलेंगे या नहीं। यह बहुत अच्छी खबर है। हम उन्हें कश्मीर की बेहतरीन मेहमान नवाजी दिखा रहे हैं और कश्मीर पर्यटकों, खासकर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
रुसी प्रतिनिधि बोलीं, एडवाइजरी उचित नहीं : वाई-20 कार्यक्रम के लिए आईं रूस की युवा प्रतिनिधि ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो मैं डर गई थी। मुझे कुछ चिंताएं थीं लेकिन यहां आने के बाद, मेरे सारे संदेह दूर हो गए। यह सुरक्षित है और मुझे अब चिंता नहीं है। मेरे अनुभव के आधार पर, यात्रा एडवाइजरी उचित नहीं हैं। जर्मन नागरिक लबौफ ने कहा कि मैं तीन दिनों के लिए श्रीनगर में हूं और मैं बहुत सुरक्षित और अच्छा महसूस कर रहा हूं। मैं पूरे शहर में घूमा और मुझे कहीं भी कुछ असुरक्षित महसूस नहीं हुआ।