जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी सेवा अवधि बढ़ाने और आर्थिक लाभ हासिल करने के मामले में दो लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
ईओडब्ल्यू कश्मीर ने एफआईआर संख्या 05/2026 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) के तहत जांच पूरी कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सुम्बल की अदालत में आरोप पत्र पेश किया है। आरोपियों की पहचान बांदीपोरा जिले के राखी शिलवट, सुम्बल निवासी गुलाम मोहम्मद भट पुत्र मोहम्मद जवाद भट और असदुल्लाह भट पुत्र हाजी गुलाम अहमद भट के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने अपनी वास्तविक शैक्षणिक योग्यता छिपाई और खुद को अशिक्षित बताकर फर्जी प्रमाणपत्रों के माध्यम से अपनी जन्मतिथि में बदलाव कराया। इसके चलते उनके सेवा रिकॉर्ड में गलत जानकारी दर्ज हुई और उन्हें नियमों के विपरीत सरकारी सेवा में अतिरिक्त अवधि तक बने रहने का लाभ मिला।
अधिकारियों के अनुसार, इस धोखाधड़ी के जरिए आरोपियों ने अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया, जिससे सरकारी खजाने को वित्तीय नुकसान पहुंचा। मामले की जांच पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
इस बीच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आम लोगों से आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। ऐसे मामलों की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), कश्मीर को देने या आधिकारिक ईमेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया गया है।