ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इस अभियान ने अपने उद्देश्य पूरे किए हैं, लेकिन युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं होता बल्कि केवल तबाही और दुख लेकर आता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया आज युद्ध के लिए तैयार नहीं है क्योंकि सभी देशों की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उन्होंने यूक्रेन, मिडिल ईस्ट और ऊर्जा संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि युद्ध से हालात और खराब होते हैं जिनका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।
पंजाब में हुए धमाकों पर पूछे गए सवाल के जवाब में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत में इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसके अलावा उन्होंने चुनावी नतीजों विपक्षी राजनीति और जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि विपक्ष अपना काम कर रहा है, जबकि उनकी पार्टी अपने तरीके से काम जारी रखेगी।