फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकवाद का कारवां खत्म नहीं होने वाला है, जब तक कि सरकार कश्मीर के लोगों के दिलों को जीतने की कोशिश नहीं करती है और पाकिस्तान से बातचीत कर इस मसले का हल का नहीं करती है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने आतंकियों द्वारा सब-इंस्पेक्टर की हत्या की निंदा की और सरकार से उनके परिवार के लिए उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस दौरान फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि आतंकवाद का कारवां खत्म नहीं होने वाला है, जब तक कि सरकार कश्मीर के लोगों के दिलों को जीतने की कोशिश नहीं करती है और पाकिस्तान से बातचीत कर इस मसले का हल का नहीं करती है।
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फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'सब इंस्पेक्टर मुश्ताक अहमद की हत्या की मैं निंदा करता हूं। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि आतंकवाद खत्म होने वाला नहीं है। यह कारवां तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक हुकूमत यहां के लोगों के दिलों को जीतने की कोशिश नहीं करेगी और पड़ोसी मुल्क (पाकिस्तान) के साथ बातचीत कर हल नहीं ढूंढेंगी। उनके (भाजपा) मंत्री अक्सर बयान देते रहते हैं कि यह खत्म होगा, पर ऐसा होने वाला नहीं है।
वहीं, जनसंख्या विस्फोट में एक समुदाय को टारगेट करने पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हमें विविधता को मजबूत करना चाहिए। विविधता से ही भारत एकजुट है। उन्होंने कश्मीर और तमिलनाडु में कोई समानता नहीं है। न भाषा, न मौसम, न संस्कृति, लेकिन साथ गरीबी दूर करने का संकल्प, बीमारियों, बदहाली को मिटाना और एकजुट और विकास करने के संकल्प ने देश के सभी राज्यों एक बंधन में जोड़ा हुआ है। इसे और मजबूत किया जाना चाहिए।
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13 जुलाई में कश्मीर में मनाए जाने वाले शहीदी दिवस की छुट्टी को लेकर कहा कि मुझे बेहद अफसोस है कि सरकार ने शहीदी दिवस की छुट्टी बंद कर दी और जो लोग उन पर दुआ करने जाते हैं, उन्हें भी रोका गया है।