बडगाम जिले के चरार-ए-शरीफ निवासी जुनैद उल इस्लाम बाबा के खिलाफ लिखित शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी ने खुद को बेंगलुरु में अमेजन कंपनी के साथ निवेशक के तौर पर काम करने वाला बताया और निवेश की गई रकम पर हर महीने 10 प्रतिशत मुनाफा देने का वादा किया। इस भरोसे में शिकायतकर्ताओं ने उसे करीब दो करोड़ रुपये दे दिए।
आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी बेंगलुरु चला गया और शिकायतकर्ताओं से संपर्क तोड़ लिया। जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को आरोपी के संचालन या नियंत्रण वाले बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता चला। हालांकि, आरोपी वास्तविक निवेश गतिविधियों का कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सका और न ही प्राप्त रकम का संतोषजनक हिसाब दे पाया। रकम लौटाने के लिए दिए गए समझौते और चेक भी भुगतान नहीं होने या खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण असफल रहे।
जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत श्रीनगर के फॉरेस्ट मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। ईओडब्ल्यू की विशेष टीम ने आरोपी को 23 अगस्त को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल श्रीनगर की सेंट्रल जेल में बंद है। श्रीनगर के सिटी जज ने उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है।