तीन महीने में देना होगा विकल्प
- पात्र कर्मचारियों को एनपीएस छोड़कर ओपीएस अपनाने के लिए आदेश जारी होने के तीन महीने के भीतर अपना विकल्प देना होगा।
- एक बार ओपीएस चुनने के बाद इसे बदला नहीं जा सकेगा। तय समय में विकल्प नहीं देने वाले कर्मचारी एनपीएस में ही बने रहेंगे।
हजारों कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार ने नई पेंशन योजना लागू होने से पहले नियुक्त कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन का लाभ देने का फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। -उमर अब्दुल्ला, मुख्यमंत्री
सरकार के फैसले का स्वागत, कर्मियों के लिए है बड़ा माैका : एसोसिएशन
एनपीएस एसोसिएशन सरकार के फैसले का स्वागत करता है। करीब दो साल से इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह बड़ा मौका है। हालांकि, सरकार को जनवरी 2009 से पहले नियुक्त आरईटी शिक्षकों के लिए भी ऐसा फैसला लेना चाहिए। रहबरे तालीम योजना के तहत इन शिक्षकों की भर्ती 2005 में हुई थी, लेकिन उन्हें एनपीएस में रखा गया। केंद्र सरकार को भी देशभर में ओल्ड पेंशन बहाल करनी चाहिए। -रफीक मलिक, प्रदेश अध्यक्ष, एनपीएस एसोसिएशन
करीब दो साल से था इंतजार
कर्मचारी इस फैसले का करीब दो साल से इंतजार कर रहे थे। केंद्र सरकार ने पहले एनपीएस लागू होने के दौरान नियुक्त हुए कर्मचारियों को एक बार ओपीएस में जाने का मौका देने का फैसला किया था। इसके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भी भेजे गए थे। जम्मू-कश्मीर को भी यह पत्र मिला था, लेकिन वित्त विभाग से मंजूरी नहीं मिलने के कारण फैसला नहीं हो पाया था। अब कैबिनेट ने इस व्यवस्था को लागू करने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मंत्री जावेद अहमद राणा, सकीना इत्तू, जाविद अहमद डार, सतीश शर्मा व मुख्य सचिव अटल डुल्लू मौजूद रहे।