गुरेज घाटी और कश्मीर के पर्यटन स्थलों के बंद होने के बाद ढाबा संचालक और व्यापारी भूख और आर्थिक संकट से जूझते हुए अपनी स्थिति पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
सुरम्य बांदीपोरा-गुरेज मार्ग, जो कभी पर्यटकों की हंसी और मसालेदार वाजवान की खुशबू से गुलजार रहती थी, वहां अब सन्नाटा छाया हुआ है, मगर बायसरन की घटना के बाद सरकार ने गुरेज घाटी समेत कश्मीर के 48 प्रमुख पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया है। इससे यहां के कारोबारियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो हम गोलियों से नहीं, बल्कि भूख से ही मर जाएंगे।ढाबा संचालक 38 वर्षीय अब्दुल रशीद खान ने कहा, मैंने गर्मियों के मौसम से पहले दो लाख रुपये उधार लिए थे, उम्मीद थी कि जब पर्यटक आने लगेंगे तो कर्ज चुका दूंगा, मगर अब प्रतिदिन 50 रुपये कमाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। एक अन्य ढाबा मालिक मुश्ताक का कहना है कि हमने महीनों तक तैयारी की। अब सब कुछ खत्म हो गया है।