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Srinagar News: सौगातः घाटी में 3,566 करोड़ रुपये से मजबूत होगा ग्रामीण सड़क संपर्क

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-केंद्रीय मंत्री चौहान श्रीनगर में आज करेंगे पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण का शुभारंभ
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-खास बातः पीएमजीएसवाई के दोनों चरणों की शुरुआत जम्मू-कश्मीर से ही
हाईलाइटर्स
-330 नई सड़कें बनेंगी
-1600 किलोमीटर होगी लंबाई
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद
श्रीनगर/जम्मू। कश्मीर के लोगों, खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए मंगलवार का दिन सौगातें लेकर आएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 (पीएमजीएसवाई-4) के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। 1600 किमी लंबी 330 सड़कों की परियोजना जम्मू-कश्मीर के लोगों को समर्पित की जाएगी। सोमवार को श्रीनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने बताया कि घाटी में ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए 3,566 करोड़ रुपये केंद्र ने मंजूर किए हैं।
कार्यक्रम शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में सुबह 11 बजे से होगा। इसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी भी मौजूद रहेंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेश में 5,000 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 सड़कें बनेंगी। ये सड़कें पीएमजीएसवाई फेज-टू में बनाई जानी है। इसके एक हिस्से की शुरुआत मंगलवार को केंद्रीय मंत्री चौहान कर रहे हैं। सीएम को पीएमजीएसवाई-2, बैच-2 का स्वीकृति पत्र भी सौंपा जाएगा। खास बात यह है कि एमजीएसवाई के दोनों चरणों की शुरुआत जम्मू-कश्मीर से ही हो रही है।
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जम्मू-कश्मीर में तैयार हो चुका 19 हजार किमी से अधिक लंबा सड़क नेटवर्क : शिवराज

श्रीनगर। दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को श्रीनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 2000 से अब तक पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेश में 3,328 सड़कों का निर्माण हुआ है। इससे 19,851 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क तैयार हुआ है। 257 पुल भी बनाए गए हैं। मंगलवार को योजना का फेज-टू शुरू हो रहा है जिससे 363 बस्तियों को सीधा लाभ मिलेगा। चौहान ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जमीनी स्तर पर विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। दूरदराज के गांवों तक सड़क और सुविधाएं पहुंचाना लक्ष्य है।
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24 राज्यों व यूटी के लिए 4,568 करोड़ का फंड भी जारी होगा
चौहान ने कहा, डीएवाई-एनआरएलएम के तहत भी फंड जारी किया जाएगा। इसके तहत देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4,568.23 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और लखपति दीदी योजना को बढ़ावा देना है। चौहान ने कहा, जम्मू कश्मीर में इस समय करीब 96 हजार स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। इसके अलावा 7500 गांव संगठन और 650 क्लस्टर स्तर की संस्थाएं काम कर रही हैं। ये संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं। यह दौरा सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। इसमें ग्रामीण विकास, महिला सशक्तीकरण और रोजगार के नए अवसरों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है।
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सड़क संपर्क बढ़ने से होगा फायदा
-नई सड़कों से दूरदराज के गांव मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे जिससे आवाजाही आसान होगी।
-किसानों, बागवानों और स्थानीय कारोबारियों को बाजार तक पहुंच आसान होगी जिससे आय बढ़ेगी।
-सड़क निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा।
-गांवों से स्कूल, कॉलेज और अस्पताल तक पहुंच तेज और सुरक्षित होगी।
-स्वयं सहायता समूहों और एनआरएलएम के जरिए महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
-समग्र ग्रामीण विकास : सड़क, आजीविका और सामाजिक योजनाओं के संयोजन से ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार होगा।
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