पुराने शहर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जमकर उपद्रव हुआ। हुर्रियत (म) अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे समर्थकों की पुलिस से भिड़ंत हुई। पाकिस्तानी तथा लश्कर ए तैयबा के झंडे लहराए गए। सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और रबर बुलेट चलाए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस की भिड़ंत में पुलिसकर्मियों सहित आधा दर्जन लोग घायल हुए।
कई घंटे तक दोनों पक्षों में भिड़ंत जारी रही। इससे क्षेत्र में दिनभर तनाव की स्थिति रही। पुराने शहर के नौहट्टा इलाके में जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों युवा इकट्ठे हुए और जलूस की शक्ल में बाहर निकले। वह भारत विरोधी और पाकिस्तान के हक में नारेबाजी कर रहे थे। जुलूस जैसे ही जामिया मस्जिद के मेन गेट पर पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ-साथ पाकिस्तानी झंडे लहराए।
इसके बाद वहां पहले से तैनात सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिए। सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। साथ ही पेलेट गन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच इलाके में कई घंटे तक भिड़ंत जारी रही। प्रदर्शन कर रहे हुर्रियत (म) के समर्थक मीरवाइज मौलवी उमर फारूक की रिहाई की मांग कर रहे थे।
मीरवाइज को पुलिस द्वारा वीरवार को ईदगाह चलो आह्वान से एक दिन पूर्व ही नजरबंद कर दिया गया था। गौरतलब है कि 15 अप्रैल को सैयद अली शाह गिलानी की रैली में अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को भी पाकिस्तानी झंडा और पाकिस्तान के हक में नारेबाजी करने के आरोप में जेल भेज दिया गया था। इसके बाद घाटी में प्रदर्शन या रैली में पाकिस्तानी झंडे लहराने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।