श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने नियमों का उल्लंघन कर पर्यावरण को दूषित कर रहे स्टोन क्रशर और तारकोल इकाइयों को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से रिपोर्ट तलब की है। क्षेत्रीय निदेशक से कहा गया है कि वे विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध करवाएं।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश जावेद इकबाल वानी की खंडपीठ ने गुरेज के बडवान वानापोरा गांव के दो निवासियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। अब सात मार्च को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पर्यावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को लेकर चिंता जता रहे हैं। इसमें बोर्ड को यह पता करना होगा कि कौन सी इकाइयां पर्यावरण के लिए ज्यादा खतरा हैं। याचिकाकर्ता नूर मोहम्मद लोन और गुलाम मोहम्मद लोन ने कहा है कि स्टोन क्रशर और तारकोल इकाइयां गुरेज के संवेदनशील पर्यावरण को बुरी तरह से प्रभावित कर रहे हैं। इससे वनस्पति और वन्यजीवों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश और विदेश से यहां पर्यटक आते हैं। कानूनी प्रावधानों के मुताबिक प्रदूषण फैला रही इकाइयों पर कार्रवाई और एक करोड़ रुपये जुर्माना होना चाहिए।