इस विस चुनाव में कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें पांच सीटें कश्मीर संभाग से आई हैं। उमर मंत्रिमंडल में डूरू से कांग्रेस विधायक व विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर को मंत्रिमंडल में शामिल करने के कयास लगाए जा रहे थे।
इंडिया ब्लॉक और गठबंधन में शामिल कांग्रेस का शीर्ष और प्रदेश नेतृत्व उमर के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल तो हुआ, लेकिन सरकार से बाहर रहा। उमर ने अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस से किसी भी विधायक को मंत्री न बनाकर यह संकेत दिया कि वह किसी के दबाव में नहीं आएंगे।
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छह साल बाद बनी नई सरकार के पहले ही दिन कांग्रेस शासन से बाहर हो गई है। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गठबंधन के तौर पर मौजूद रहे। उनके ही सामने उमर के मंत्रिमंडल में कांग्रेस को एक भी मंत्री का पद नहीं मिल पाया।
मीर को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लगाए जा रहे थे कयास
इस विस चुनाव में कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है। इनमें पांच सीटें कश्मीर संभाग से आई हैं। उमर मंत्रिमंडल में डूरू से कांग्रेस विधायक व विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर को मंत्रिमंडल में शामिल करने के कयास लगाए जा रहे थे। जम्मू संभाग से प्रतिनिधित्व के तौर पर राजोरी से जीते पार्टी प्रत्याशी इफ्तकार अहमद को भी मंत्रिमंडल में शामिल करके संतुलन बनाया जा सकता था।
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सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस मंत्रिमंडल में शामिल होने के साथ उपमुख्यमंत्री पद के लिए भी दावा जता रही थी। राज्यसभा में भी एक सांसद को लेकर बात की जा रही है, जिस पर उमर के साथ सहमति नहीं बन पा रही थी। कुल मिलाकर गठबंधन में शामिल होकर भी कांग्रेस को सत्ता का स्वाद नहीं मिल पाया है।