उपायुक्त (डीसी) बांदीपोरा इंदु कंवल चिब ने बताया कि बादल फटने के कारण भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से दो सड़कें बंद हो गई थीं। इनमें से एक सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है, जबकि दूसरी सड़क को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
उन्होंने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां सड़क बहाली और नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई हैं।
डीसी ने कहा कि किशनगंगा नदी क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। इसके तहत नदी किनारे संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए टेंट हटाए जा चुके हैं। साथ ही, मौसम विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की चेतावनी या खराब मौसम का अलर्ट जारी होने पर पर्यटकों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा।
उन्होंने पर्यटकों से यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम की जानकारी नियमित रूप से लेने की अपील की। साथ ही पर्यटन कारोबारियों, कैंप संचालकों और पर्यटकों को सलाह दी कि खराब मौसम के दौरान अधिक संख्या में अग्रिम बुकिंग करने से बचें, क्योंकि जरूरत पड़ने पर पर्यटन स्थलों को खाली कराया जा सकता है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से प्रशासन का सहयोग करने और मौसम सामान्य होने तक संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की।