उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच आतंकी मददगारों (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया है। ये सभी पाकिस्तानी आतंकी के संपर्क में थे और हाजिन इलाके में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे। इनसे चीन निर्मित पिस्तौल व ग्रेनेड बरामद हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन आतंकी मददगारों से पूछताछ में जुटी हुई हैं।
पुलिस ने बताया कि रख हाजिन इलाके में नाके पर जांच के दौरान हाजिन निवासी इफरान अजीज भट को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर उसने लश्कर के लिए काम करने की बात कबूल की। बताया कि वह पाकिस्तानी आतंकी उमर लाला व मारे गए हाजिन निवासी आतंकी सलीम पर्रे के लगातार संपर्क में रहता था।
मददगार पाकिस्तानी आतंकी के इशारे पर हाजिन इलाके में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश में जुटा हुआ था। दूसरे मॉड्यूल का बांदीपोरा में भंडाफोड़ करते हुए दो चीनी ग्रेनेड के साथ चार मददगारों को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया।
इनकी शिनाख्त अष्टंगू के इरफान अहमद भट, आरिन के सज्जाद अहमद मीर, शारिक अहमद मीर और काजीपोरा के इरफान अहमद के रूप में हुई है। ये सभी इलाके में सक्रिय आतंकियों को सिम कार्ड के साथ रहने, खाने-पीने व अन्य तरह की सुविधाएं मुहैया कराते थे। पुलिस ने बताया कि सभी से पूछताछ जारी है। कुछ अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
तीन दिन में एक आतंकी और आठ मददगार चढ़े हत्थे
घाटी में तीन दिनों में एक आतंकी और आठ मददगारों को गिरफ्तार करने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली ही। दो अप्रैल को अनंतनाग में लश्कर के आतंकी बशीर गनेई को पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले एक अप्रैल को पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के तीन मददगारों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी। इनसे एक एके47 राइफल, तीन मैगजीन व 69 कारतूस बरामद किए गए थे। तीन अप्रैल को बांदीपोरा में लश्कर के पांच मददगारों की गिरफ्तारी हुई।