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जम्मू-कश्मीर में सुरंग परियोजनाओं को रफ्तार: पीर की गली से साधना तक आसान होगी राह, अलाइनमेंट अंतिम चरण में

Sun, 27 Sep 2026 12:41 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर

सार

पीर की गली और साधना सुरंग परियोजनाओं के अलाइनमेंट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है और मंत्रालय की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में संपर्क सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रस्तावित पीर की गली और साधना सुरंग परियोजनाओं के अलाइनमेंट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। वहीं, करीब 10 किलोमीटर लंबी सिंघपोरा-वायलू सुरंग परियोजना बोली प्रक्रिया के चरण में पहुंच गई है। सरकार ने इसके निर्माण को कार्य आवंटन की निर्धारित तिथि से 60 महीने यानी पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

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विधायक इरफान हफीज लोन के सुरंग परियोजनाओं के निर्माण और उन्हें तय समय में पूरा करने से संबंधित अतारांकित प्रश्न के जवाब में लोक निर्माण विभाग ने यह जानकारी दी है।विभाग के अनुसार, ऐतिहासिक मुगल रोड पर करीब 8.51 किलोमीटर लंबी पीर की गली सुरंग और कुपवाड़ा-करनाह मार्ग पर प्रस्तावित करीब 7.82 किलोमीटर लंबी साधना सुरंग का जिम्मा प्रोजेक्ट बीकन के पास है। दोनों परियोजनाओं के अलाइनमेंट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है।केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त महानिदेशक (टनल) ने 17 से 19 जून के बीच दोनों परियोजनाओं का निरीक्षण किया था।

निरीक्षण के दौरान दर्ज आपत्तियों और टिप्पणियों के अनुपालन का विवरण 9 सितंबर 2026 को मंत्रालय को सौंप दिया गया है। अब मंत्रालय की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। अलाइनमेंट स्वीकृत होने के बाद दोनों परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य की वास्तविक समय-सीमा निर्धारित होगी।

गुलमर्ग सड़क की डीपीआर तैयार, वन मंजूरी का इंतजार
सरकार ने क्षेत्र की अन्य प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी। चोंटवारी से बाबा रेशी होते हुए गुलमर्ग तक प्रस्तावित सड़क के लिए 4,034.25 लाख रुपये की लागत से डीपीआर तैयार कर ली गई है। घने जंगलों से गुजरने के कारण परियोजना को वन विभाग की मंजूरी और पर्याप्त फंडिंग का इंतजार है।

हाजीबल-ग्रटबल-दज्जी-बाबा रेशी मार्ग पर चालू वित्त वर्ष में सिटीज एंड टाउन्स प्रोग्राम के तहत तारकोल बिछाने का काम पूरा हो चुका है। वहीं, चेरी वैली मार्ग की डीपीआर वन मंजूरी और वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने के बाद तैयार की जाएगी। करीब 10 किलोमीटर लंबी कलंतरा-दांदमोह सत्रिसन नागबल सड़क परियोजना को 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सीआरआईएफ 2026-27 के तहत प्राथमिकता दी गई है। परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है।
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फ्लड रिकवरी प्रोजेक्ट का जमीनी काम पूरा
सरकार के अनुसार, जम्मू-कश्मीर आर्थिक पुनर्निर्माण एजेंसी (जेकेईआरए) ने विश्व बैंक पोषित झेलम तवी फ्लड रिकवरी प्रोजेक्ट का भौतिक कार्य 31 अगस्त को पूरा कर लिया है। अब परियोजना का वित्तीय समापन 31 दिसंबर तक पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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