हिजाब की पक्षधर रही
1985 में अंद्राबी जमात-ए-इस्लामी से अलग हो गई। एक सुधारवादी संगठन के रूप में दुख्तरान-ए-मिल्लत की स्थापना की। यह संगठन 1991 में तब प्रमुखता में आया जब इसने घाटी में हिजाब को अनिवार्य बनाने के लिए अभियान शुरू किया। 1990 में अंद्राबी ने आशिक हुसैन फक्तू से शादी की जो मोहम्मद कासिम के नाम से मशहूर था और घाटी के शीर्ष आतंकवादी कमांडरों में से एक था। फक्तू आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
पहली बार नवजात बच्चे के साथ 13 माह रही जेल में :
दो बच्चों की मां अंद्राबी को पहली बार 1993 में पति और नवजात बच्चे के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह 13 महीने जेल में रही। पीएसए के तहत कई बार गिरफ्तार किया गया। अंद्राबी की संस्था ने वेलेंटाइन-डे के खिलाफ अभियान चलाया था। उसे कट्टरपंथी अलगाववादी नेताओं में से एक माना जाता था जो अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की आलोचना करने से भी नहीं डरती थी।