बीएसएफ ने अपने 61वें स्थापना दिवस पर बताया कि कश्मीर में घुसपैठ, आतंकवाद और तस्करी को रोकने में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर सहित कई अभियानों में दुश्मन को करारा जबाब दिया गया। 2025 में बीएसएफ, सेना और पुलिस ने मिलकर आठ आतंकियों को मार गिराया, बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए और सुरक्षा ग्रिड को पहलगाम से लेकर गुलमर्ग तक और मजबूत किया।
बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर ने आज अपना 61वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर आईजी बीएसएफ कश्मीर ने बताया कि सीमा सुरक्षाबल ने देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ पंजाब और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी बेहतरीन भूमिका निभाई है।
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आईजी ने कहा कि बीते छह दशकों में बीएसएफ ने जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस दौरान कई आतंकियों को ढेर किया गया और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, हथियार और ड्रग्स की तस्करी की कई कोशिशों को नाकाम बनाया गया।
उन्होंने बताया कि कठोर मौसम, हिंसक और आत्मघाती हमलों जैसी चुनौतियों के बावजूद बीएसएफ ने हमेशा मजबूती से देश की रक्षा की है।
ऑपरेशन सिंदूर को बीएसएफ की बड़ी उपलब्धि बताया गया। इस ऑपरेशन में बीएसएफ ने पेशेवर तरीके से जवाब देते हुए पाकिस्तानी पोस्टों को नष्ट किया। भारी तोपखाने की कार्रवाई से पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ।
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साल 2025 में बीएसएफ ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के साथ मिलकर 22 ऑपरेशन चलाए, जिनमें 8 आतंकवादी मारे गए और भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।
आईजी ने यह भी बताया कि पाकिस्तान के लॉन्चिंग पैड्स पर अभी भी 100–120 आतंकी घुसपैठ की फिराक में बैठे हैं। पहलगाम हमले के बाद बीएसएफ ने अपनी सुरक्षा ग्रिड को और विस्तारित किया है, जिसमें गुलमर्ग क्षेत्र भी शामिल है।