एनआईटी श्रीनगर में रेप और छेड़छाड़ की धमकियों के मामले को जम्मू विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की छात्राओं ने सामूहिक तौर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन के समक्ष एक याचिका में उठाया है। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के साथ धमकियां देने वालों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि आयोग हस्तक्षेप कर गैर कश्मीरी छात्राओं के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा करे। छात्राओं ने एनआईटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जो लोग देश विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं उन्हें समर्थन दिया जाता है, जबकि गैर कश्मीरी छात्राओं को निशाना बनाया जा रहा है। छात्राओं ने आरोप लगाए कि कई बार एनआईटी प्रशासन ने उन्हें कैंपस में धार्मिक उत्सव मनाने की अनुमति नहीं दी। ऐसी परिस्थितियों में छात्राओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
कालेज और स्थानीय प्रशासन की ढुलमुल कार्रवाई से असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़े हैं। उन्होंने आयोग से मांग की कि ऐसी परिस्थितियों में यह सुनिश्चित बनाया जाए कि एनआईटी में गैर स्थानीय छात्राओं की पढ़ाई किसी तरह से बाधित न हो।
उन्होंने आरोप लगाए कि स्थानीय असामाजिक तत्व छात्रों पर दबाव बनाकर उन्हें डरा धमका रहे हैं। ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। याचिका पर सुचित्रा सिंह जंबाल, आकृति खजूरिया, निशा चड्ढा, प्रीति शर्मा, सपना, आरुषि, पलक शर्मा, जसमीत कौर, मीनू आदि ने हस्ताक्षर किए हैं।