समारोह में 400 से अधिक स्थानीय लोग, भूतपूर्व सैनिक, वीर नारियां और स्कूली बच्चे हुए शामिल
वीर नारियों के बलिदान को याद करते हुए शान-ए-नौशेरा पुरस्कार किए गए प्रदान
नौशेरा। भारतीय सेना ने ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन और व्हाइट नाइट कोर के तत्वावधान में नौशेरा दिवस का आयोजन कर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस भव्य समारोह में 400 से अधिक स्थानीय लोग, भूतपूर्व सैनिक, वीर नारियां और स्कूली बच्चे शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत नायक जदुनाथ सिंह (पीवीसी) और अन्य शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। मुख्य अतिथि मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी (एसएम), डीसी राजोरी अभिषेक शर्मा समेत सैन्य और नागरिक प्रशासन के कई गणमान्य व्यक्तियों ने वीर भूमि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद सीमावर्ती गांव जब्बार और साईं बाबा स्कूल, नौशेरा के स्कूली बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने न सिर्फ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत किया बल्कि राष्ट्रभक्ति की भावना से भी ओत-प्रोत रहीं।
जीओसी ने स्कूली बच्चों और शिक्षकों को उनके जोश, समर्पण और प्रयासों के लिए पुरस्कृत किया और भूतपूर्व सैनिकों से संवाद कर उनकी वीरता को सलाम किया। इस दौरान नौशेरा के गौरवशाली इतिहास और वीर नारियों के बलिदान को याद करते हुए शान-ए-नौशेरा पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
पूर्व सैनिकों और समाज के लिए कई पहल
नौशेरा दिवस समारोह के तहत ब्रिगेडियर उस्मान अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट, मल्टी-स्पेशियलिटी मेडिकल कैंप (जिसमें 38 कृत्रिम अंग और 15 व्हीलचेयर वितरित किए गए), स्कूली बच्चों के लिए क्रॉस कंट्री रन और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
नशे के खिलाफ एकजुट हो समाज : जीओसी
जीओसी ने जनता और वीर सैनिकों के परिवारों के प्रति सेना के अटूट समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि साल 1948 में कुछ वीरों की शहादत से आज हम यहां खड़े हैं। जनता के सहयोग से सेना ने लड़ाई लड़ी थी और आज भी हमें एकजुट रहना होगा। पाकिस्तान हमारे क्षेत्र में नशा भेजने की साजिश करता है, लेकिन हमें इसे जड़ से खत्म करना होगा।
इस अवसर पर एडीसी नौशेरा बाबु राम टंडन, एसडीपीओ जसवंत सिंह, सैन्य अधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और अन्य सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे। समारोह का समापन आभार प्रकट करते हुए भारतीय सेना ने वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया और राष्ट्र की सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। संवाद