जिले में सिख समुदाय ने रविवार को दशमपादशाही गुरु गोबिंद जी का प्रकाशोत्सव बडे़ ही धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाए गए और लंगरों का भी आयोजन किया गया।
सैकड़ों संगतों ने भाग लेते हुए रागी जत्थों की गुरुवाणी पर आधारित शबद कीर्तन का श्रवण किया और लंगरों में प्रसाद छका। गुरु पर्व का मुख्य आयोजन गुरुद्वारा सिंह सभा में जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से किया गया। गुरुद्वारा अहाता साहब में लंगर का आयोजन किया गया।
जिसमें करीब 25 हजार लोगों ने प्रसाद पाया। इस अवसर पर सुबह आठ से नौ बजे के बीच नगर के गुरुद्वारा सिंह सभा सहित सभी गुरुद्वारों में चल रहे गुरुग्रंथ साहब के अखंड पाठों का भोग डाला गया। बाहरी राज्यों से आए और स्थानीय रागी जत्थों ने कीर्तन करते हुए संगत को निहाल किया।
इस अवसर पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार नरेंद्र सिंह, सचिव इंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में सिख विद्वानों ने गुरु जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्म की रक्षा के लिए अपना सबकुछ बलिदान कर दिया और जुल्मों को मिटाने के लिए खालसा पंथ का सृजन किया। साथ ही उन्हाेंने मानवता का पाठ पढ़ाया है। सभी को गुरुजी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।