जिले की मंजाकोट तहसील के बाढ़ पीड़ितों ने बुधवार को डीसी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।
पीड़ितों ने राहत वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया। इस अवसर पर स्थानीय निवासी मोहम्मद फारूक, बशीर हुसैन, हाजी इकबाल, अब्दुल रशीद आदि ने बताया कि सितंबर माह में आए बाढ़ में अपना सब कुछ गंवा चुके लोग अब प्रशासन की उपेक्षा की मार झेल रहे हैं।
कहा कि पहले राहत सामग्री बांटने में भी उन लोगों का ध्यान रखा गया था, जिन्होंने अपना कुछ भी नहीं खोया था। अब सरकार की ओर से पीड़ितों के पुनर्वास के लिए जो सहायता आ रही है, वह भी ऊंची पहुंच वाले और सियासी रसूख वाले लोगों तक पहुंच रही है।
उन्होंने राजस्व विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग ने पहले पीड़ितों की जो सूची बनाई थी, अब उनका नाम भी कहीं नहीं है। राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ही सूचियां बदल दी गई।
राहत केवल उन लोगों तक पहुंच रही है जो पहले से ही अच्छे खाते-पीते हैं।उन्होंने डीसी से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि आज भी कई परिवार खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। डीसी ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह राजस्व विभाग के अधिकारियों व तहसीलदार से इस संबंध में बात कर जल्द समाधान करेंगी।