राजोरी शहर के पांजा चौक स्थित एक महिला की जीएमसी राजोरी में बच्चे को जन्म देने के कुछ घंटों बाद मौत हो गई। मामला शनिवार का है। रविवार को मृत महिला के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने पहले पुलिस स्टेशन के सामने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। इसके बाद वे मृतक महिला के शव को लेकर राजोरी के सलानी स्थित जम्मू-राजोरी हाईवे पहुंच गए, जहां हाईवे जाम करके जोरदार प्रदर्शन किया।
सरपंच संजीव मंगू, गुरु रविदास सभा के जिला अध्यक्ष केवल कृष्ण की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने डीसी राजोरी, जिला प्रशासन और जीएमसी प्रशासन व जीएमसी के डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी की। मृतक महिला उषा देवी के पति राजू शर्मा ने बताया कि शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी पत्नी को जीएमसी राजोरी में ले गया था, जहां उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन बच्चे को जन्म देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और उससे बिल्कुल भी देखने नहीं आए।
राजू का कहना है कि बच्चे को जन्म देने के बाद उनकी पत्नी की ब्लडिंग नहीं रुकी और धीरे-धीरे जिस्म से खून बहता चला गया, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने या अन्य नर्स आदि ने उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया, जिस कारण शाम को महिला की मौत हो गई। प्रदर्शनकारी परिजन डॉक्टरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के अलावा मृतक महिला के पति को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे।
करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद एडिशनल डीसी राजोरी सचिन देव सिंह और एडिशनल एसपी राजोरी विवेक शेखर शर्मा प्रदर्शनकारियों की बात सुनने सैलानी हाईवे पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रियल इंक्वायरी की जाएगी। आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर लगाई जाएगी और मृतक महिला के पति की नौकरी के लिए सरकार को सिफारिश भेजी जाएगी। वहीं, अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और महिला को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।