शहर के एक सरकारी स्कूल में गाजियाबाद की एक गैर सरकारी संस्था द्वारा बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित करते समय उस समय हड़कंप मच गया, जब कुछ लोगों ने जिला चुनाव आयोग को शिकायत कर दी।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद की एक स्वयंसेवी संस्था द्वारा बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित किए जाने का सिलसिला शुरू होते ही हड़कंप मच गया।
कुछ लोगों ने जिला चुनाव आयोग को शिकायत कर बताया कि सियासी पार्टी के नेता यह सामग्री बांट रहे हैं। राहत सामग्री पर रोक लगते ही पीड़ितों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला चुनाव आयोग ने सामग्री वितरण कार्यक्रम पर रोक लगा कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं राहत सामग्री पर रोक लगते ही बाढ़ पीड़ित परिवारों ने रोष प्रकट करना शुरू कर दिया ।
पीड़ितों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और कहा कि वह राहत सामग्री लेने बहुत दूर से आए हैं और अब उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजोरी के तहसीलदार कयूम कुरेशी, नायब तहसीलदार फारूक तांतरे और एसएचओ यशपाल सिंह जम्वाल ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि चुनाव खत्म होते ही उन्हें राहत सामग्री दी जाएगी।
इस बारे में तहसीलदार ने बताया कि जिला चुनाव आयोग ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि पीड़ितों में राहत सामग्री किसी सियासी पार्टी के नेता द्वारा दी जा रही थी या नहीं। यदि किसी सियासी पार्टी के नेता का नाम सामने आया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।